ट्राइडेंट ग्रुप पर प्रदूषण बोर्ड का छापा: राजनीतिक प्रतिशोध या नियमित जांच? 10 अधिकारियों की टीम कर रही है पड़ताल
Pollution Control Board raids Trident Group
बरनाला। पंजाब के प्रमुख औद्योगिक घराने ट्राइडेंट ग्रुप के धौला स्थित परिसर में आज राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अचानक छापा मारा। करीब 2 घंटे से फैक्ट्री के भीतर विभाग की जांच जारी है। इस कार्रवाई ने राज्य के औद्योगिक और राजनीतिक दोनों ही गलियारों में सनसनी फैला दी है। इसका कारण है कि ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक राजेंद्र गुप्ता कुछ ही दिन पहले आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।
राजेंद्र उन 7 राज्यसभा सांसदों में से एक हैं, जिन्होंने आप छोड़कर भाजपा का दामन थामा है। ऐसे में उनके भाजपा ज्वाइन करने के कुछ दिन बाद ही राज्य सरकार के अधीन आने वाले प्रदूषण विभाग की ओर से अचानक इस तरह की रेड डालना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
अचानक पहुंचीं चार गाड़ियां
जानकारी के अनुसार, प्रदूषण विभाग की टीम में लगभग 10 अधिकारी शामिल हैं। यह टीम 3 से 4 गाड़ियों में सवार होकर अचानक ट्राइडेंट के धौला परिसर पहुंची। टीम अब भी फैक्ट्री के अंदर मौजूद है और प्लांट व आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से चेकिंग की जा रही है। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस कार्रवाई से फैक्ट्री परिसर में हड़कंप का माहौल है।
करोड़पति राजेंद्र गुप्ता के पास न कार न घर
राज्यसभा चुनाव में दिए हलफनामे के मुताबिक, राजेंद्र गुप्ता 10वीं पास हैं। उनके पास न तो अपनी कोई कार है, न ही कृषि लायक जमीन और न ही कोई व्यापारिक इमारत है, लेकिन उनका परिवार 5 हजार 53 करोड़ की चल-अचल जायदाद का मालिक है। इसमें से 4338.77 करोड़ की चल और 615.74 करोड़ की अचल संपति है। उनके परिवार के पास 11.99 करोड़ रुपए के जेवरात हैं।
परिवार पर कोई कर्ज नहीं
राजेंद्र गुप्ता ने 1975 में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सरकारी मॉडल हाई स्कूल लुधियाना से 10वीं पास की। दिलचस्प बात यह भी है कि ट्राइडेंट का इतना बड़ा अंपायर खड़ा करने वाले गुप्ता परिवार पर किसी भी तरह का कोई कर्ज नहीं है।
राजेंद्र गुप्ता को कहा जाता है पंजाब का अंबानी
पंजाब के सबसे अमीर इंडस्ट्रियलिस्ट: राजेंद्र गुप्ता पंजाब के सबसे अमीर उद्योगपतियों में से एक हैं। ट्राइडेंट ग्रुप की ओर से बनाए जाने वाले उत्पाद आज देश के अलावा विदेश में भी जा रहे हैं। ट्राइडेंट ग्रुप की यूनिट लुधियाना, बरनाला, धौला में स्थित हैं। लुधियाना में कंपनी का कॉर्पोरेट ऑफिस है, जबकि बरनाला, धौला और मध्य प्रदेश के बुदनी, भोपाल में कंपनी द्वारा उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। कंपनी की चंडीगढ़, दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत विदेश में शाखाएं हैं।
कंपनी का 5 हजार करोड़ का टर्नओवर
ट्राइडेंट कंपनी का सालाना टर्नओवर 5 हजार करोड़ रुपए से भी ऊपर का है। राजेंद्र गुप्ता को पंजाब का धीरूभाई अंबानी भी कहा जाता है। कंपनी टॉवेल, बेडशीट और कॉटन पेपर बनाती है। ट्राइडेंट में तैयार हो रहे उत्पाद आज देश के अलावा विदेश में एक्सपोर्ट हो रहे हैं। हाल ही में यूएसए में भी कंपनी ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई थी, जहां विदेशी ग्राहकों ने उत्पादों की सराहना की थी।
तिरुपति बालाजी मंदिर में दिए 21 करोड़
पिछले साल राजेंद्र गुप्ता ने तिरुपति बालाजी मंदिर को 21 करोड़ रुपए दान किए थे। यह राशि राजेंद्र गुप्ता ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ) के एसवी प्राणदान ट्रस्ट को सौंपी थी। इस मौके उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद थे।
उद्योगपति के साथ समाजसेवी भी हैं गुप्ताः राजेंद्र गुप्ता मशहूर उद्योगपति तो हैं ही, उसके साथ-साथ समाजसेवी भी हैं। वह कई धार्मिक और समाजसेवी संगठनों को दान देते हैं। कोरोना काल में भी ट्राइडेंट की तरफ से देश में लाखों पीपीटी किटें और मास्क तैयार कर मुफ्त बांटे गए थे। इसके अलावा वे श्री काली माता मंदिर प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन थे। इसके पद से भी उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।
पिता-पुत्र मिलकर संभाल रहे बिजनेस
ट्राइडेंट के मालिक राजेंद्र गुप्ता और उनका बेटा अभिषेक गुप्ता मिलकर बिजनेस को संभाल रहे हैं। अभिषेक कंपनी में प्रबंध निदेशक के पद हैं। वह ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। राजेंद्र गुप्ता की एक बेटी नेहा गुप्ता है, जिसने लंदन के बेयस बिजनेस स्कूल से फाइनेंस में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की है।