Political turmoil over coal, see what CM Mann said..
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कोयले पर सियासी घमासान, देखें सीएम मान ने क्या कहा..

चंडीगढ़। पंजाब में कोयले की खान पर सियासी घमासान मच गया है। यह सियासी लड़ाई झारखंड में बंद पड़ी कोयले की खान को लेकर शुरू हुई। पहले सीएम भगवंत मान ने दावा किया कि हमने यह खान खुलवाई है। इसके जवाब में पंजाब कांग्रेस के चीफ अमरिंदर सिंह राजा वडिंग़ ने कहा कि सीएम मान झूठ बोल रहे हैं। इस खान का केस कांग्रेस सरकार रहते हमने जीता था। पंजाब में कोयले की कमी से बिजली संकट पैदा हो गया है। जिसकी वजह से अब सियासी झगड़ा शुरू हो गया है।

सीएम मान ने कहा था कि बिजली का प्रबंध पूरा हो गया है। पंजाब की कोयले की खान झारखंड में 2015 से बंद पड़ी थी। उसे पंजाब ने खरीदा हुआ है। इसके बाद कोयला इधर-उधर से लिया जा रहा था, ताकि पैसों की सेटिंग हो जाए। हमने वह खान चलवा ली है। मई के आखिरी हफ्ते में झारखंड जाकर खान का उद्घाटन करके आऊंगा।

पंजाब कांग्रेस चीफ राजा वडि़ंग ने कहा कि सीएम भगवंत मान तथ्यों की पड़ताल किए बगैर ही बयान दाग देते हैं। जिस कोयले की खान की वह बात कर रहे हैं, वह कोर्ट केस के कारण बंद थी। कांग्रेस सरकार ने सितंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट से केस जीता था। उसमें आपका क्या योगदान है? वडि़ंग ने अपने दावे की पुष्टि के लिए 21 सितंबर 2021 की खबर की कटिंग भी शेयर की है।

कांग्रेस प्रधान ने कोयले की खान का ब्यौरा भी दिया। जिसमें बताया कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने 213 कोयला खानों का अलॉटमेंट रद्द कर दी थी। इसमें पंजाब को 2001 में पछवाड़ा में अलॉट हुई खान भी शामिल थी। 2015 में यह खान पीएसपीसीएल को अलॉट हो गई। इसका टेंडर जारी किया गया लेकिन लीगल वजह से फेल हो गया। 2018 में पीएसपीसीएल ने डीबीएल कंपनी को इसे ऑपरेट करने के लिए सेलेक्ट किया। 2019 में हाईकोर्ट ने पुरानी कंपनी के हक में फैसला दिया, जिसकी वजह से पंजाब सुप्रीम कोर्ट गया। 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए पीएसपीसीएल के अपनाए तरीके को सही ठहरा दिया।