शिमला में राजनीतिक हलचल: भाजपा का लोकभवन मार्च और सरकार पर सवाल

शिमला में राजनीतिक हलचल: भाजपा का लोकभवन मार्च और सरकार पर सवाल

Political Stir in Shimla

Political Stir in Shimla

शिमला। Political Stir in Shimla, हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन मार्च किया। भाजपा पदाधिकारियों ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मुलाकात कर प्रदेश सरकार के दो निर्णयों के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। वहीं, दोपहर बाद मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू राज्यपाल से मिलने लोकभवन पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को पारंपरिक हिमाचली टोपी, शॉल तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर राज्य के विकास एवं जनकल्याण से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

भाजपा ने केएनएच का मुद्दा उठाया

इससे पूर्व भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को बताया कि सरकार द्वारा कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) शिमला से स्त्री रोग विभाग को आइजीएमसी में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव न केवल अव्यावहारिक बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर खतरा है। केएनएच लगभग 100 वर्षों से प्रदेश की महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए जीवनरेखा के रूप में कार्य करता रहा है। बिना किसी स्पष्ट अधिसूचना के साइलेंट शिफ्टिंग के माध्यम से इस अस्पताल को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। 

आइजीएमसी पहले ही अपनी क्षमता से अधिक भार झेल रहा है। ऐसे में 300 बिस्तर के विशेष अस्पताल की सेवाओं को स्थानांतरित करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 

केएनएच के उन्नयन पर 20 करोड़ रुपये से अधिक का सार्वजनिक धन खर्च किया गया है, जिसे इस निर्णय से निष्प्रभावी किया जा रहा है। अस्पताल की भूमि का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। ऐसे में यह एक गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

प्रतिबंधित सड़क पर पास का मुद्दा भी उठाया

प्रतिनिधिमंडल ने शिमला शहर की प्रतिबंधित व बंधित सड़कों पर पास शुल्क में पांच गुना वृद्धि के निर्णय को भी जनविरोधी बताते हुए राज्यपाल के समक्ष विरोध दर्ज करवाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन के तहत प्रोसेसिंग फीस 100 से बढ़ाकर 500 रुपये और पास शुल्क 2,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने के साथ अन्य शुल्कों में भारी वृद्धि की जा रही है जो जनता, व्यापारियों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। यह निर्णय न केवल अनुचित है बल्कि इसे राजस्व संग्रह का माध्यम बना दिया गया है, जिससे आम नागरिकों में भय और असंतोष का माहौल उत्पन्न हो रहा है। 

कठोर दंडात्मक प्रविधान जैसे भारी जुर्माना और कारावास, लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत हैं। इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, कोषाध्यक्ष कमल सूद, सह मीडिया प्रभारी रमा ठाकुर तथा प्यार सिंह कंवर उपस्थित रहे।