Police officers fell in Patiala violence
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Police officers fell in Patiala violence

पटियाला हिंसा में पुलिस अफसरों पर गिरी गाज, देखें क्या हुई कार्रवाई

पटियाला। पटियाला में शुक्रवार को खालिस्तान विरोधी मार्च में हुई हिंसा के अगले दिन सरकार ने पटियाला के आईजी राकेश अग्रवाल और एसएसपी नानक सिंह को हटा दिया है। अब मुखविंदर सिंह छीना नए आईजी और दीपक पारिख नए एसएसपी होंगे। सिटी एसपी को हटाकर वजीर सिंह खैहरा को लाया गया है। डीएसपी अशोक कुमार को भी हटा दिया गया है। पुलिस ने हिंदू संगठनों को रोष मार्च न निकालने से मना लिया है। एसएसपी नानक सिंह से बातचीत के बाद धरना खत्म कर दिया गया है। हिंदू संगठनों ने मंदिर पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। वहीं पटियाला हिंसा के विरोध में गुरदासपुर के धारीवाल में बंद की कॉल देने वाले शिवसेना यूथ विंग के प्रधान हनी महाजन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

सीएम भगवंत मान ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज हो चुका है। कुछ लोग अरेस्ट हुए हैं। हिंसा में भाजपा और शिवसेना के लोग थे। दूसरी तरफ अकाली दल के लोग थे। यह दो राजनीतिक दलों का टकराव था, इसे किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच हो रही है, जल्द ही सब सबके सामने आएगा। पंजाब में आप की सरकार की लोकप्रियता से घबराकर विपक्षी दलों ने यह सब किया। मान ने हिंसा के दिन ही भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा के काली माता मंदिर जाने पर भी सवाल खड़े किए।

भाजपा के प्रदेश महासचिव अनील सरीन ने कहा कि आप की सरकार आने के बाद आतंकवादी ताकतें मुखर हो गई हैं। जिस हरीश सिंगला ने मार्च निकालना था, वह काली माता मंदिर के आसपास भी नहीं था। फिर मंदिर में तलवारें किसने चलाई। सीएम मान को इसका जवाब देना चाहिए।

अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. चरणजीत बराड़ ने कहा कि आम आदमी पार्टी वालों से हालात संभल नहीं रहे और विपक्षी दलों पर आरोप लगा रहे हैं। पटियाला में हुई घटना में मान सरकार पूरी तरह फेल रही है। एक हफ्ते से यह बातें सोशल मीडिया पर थी। अफसरों को भी पता था, फिर इसे रोकने के लिए कोई कोशिश क्यों नहीं की गई।

पंजाब के डीजीपी से भी नाराज सीएम भगवंत मान

पटियाला हिंसा के बाद सीएम भगवंत मान ने चीफ सेक्रेटरी अनिरुद्ध तिवारी और डीजीपी वीके भावरा की अगुआई में अफसरों को तलब किया था। उन्होंने डीजीपी वीके भावरा पर भी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अफसरों पर हाई लेवल इंक्वायरी के आदेश दिए। इसमें पुलिस और प्रशासन की लापरवाही की जांच होगी। जानकारी के मुताबिक, एक हफ्ते से टकराव के हालात थे। इसके बावजूद पुलिस ने इसे रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए। इस बारे में इंटेलिजेंस विंग ने पुलिस को इनपुट भी दिए थे, लेकिन पुलिस अफसरों ने इन्हें हल्के में लिया और हालात काबू से बाहर हो गए।

हिंदू संगठनों का पटियाला बंद आज, पंजाब में अलर्ट

इधर, हिंदू संगठनों ने काली माता मंदिर पर हमले के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज पटियाला में बंद कॉल किया है। हालात बिगडऩे की आशंका के चलते प्रशासन ने आज सुबह साढ़े 9 बजे से शाम 6 बजे तक शहर में इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं बंद कर दी हैं। डोंगल से भी इंटनरेट नहीं चलेगा। पटियाला में सुरक्षा के लिए डेढ़ हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।

शहर में शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक कर्फ्यू भी लगाया गया था। पूरे पंजाब में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस बीच हिंदू संगठनों ने काली माता मंदिर के पास प्रदर्शन शुरू कर दिया। पटियाला के एसएसपी और डीसी ने उन्हें भरोसा दिया कि 2 दिन के भीतर मंदिर पर हमला करने वालों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।