सिस्टम से हारी पुलिस, ममता ने जीता न्याय: देहरादून में बेटे के हत्यारे डंपर को माँ ने 100 CCTV खंगालकर ढूँढा
Police Defeated by the System
देहरादून। Police Defeated by the System, 16 फरवरी 2024 को सड़क हादसे में 18 वर्षीय बेटे क्षितिज को खोने वाली मां ललिता चौधरी ने एसएसपी के सामने अपनी व्यथा सुनाई तो हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए।
इस घटना में जहां उन्होंने सिस्टम को कोसा, वहीं पुलिस की कार्रवाई पर भी तमाम सवाल खड़े किए। कहा कि 45 मिनट तक उनका बेटा सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन किसी ने मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाए।
पुलिस को जब सूचना दी तो वह भी तहरीर का इंतजार करती रही। 16 फरवरी को हुए हादसे की एफआइआर 19 फरवरी को दर्ज की गई। इस बीच उनके बेटे को कुचलने वाले डंपर का पता लगाने के बजाय अंत में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी।
बेटे को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने खुद ही ठानी और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद उस डंपर का पता लगाया, जिसने उनके बेटे को कुचला था।
सोमवार को सहस्रधारा निवासी ललिता चौधरी एसएसपी कार्यालय पहुंचीं और एसएसपी को पूरी बात बताई।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनका बेटा क्षितिज अपने पैरों में खड़ा होना चाहता था। 16 फरवरी 2024 को काम के सिलसिले में प्रेमनगर गया था, जहां डंपर ने उसे टक्कर मार दी।
सूचना पर मौके पर पहुंचे तो बेटा सड़क पर तड़प रहा था। हालत गंभीर होने पर वह उसे ऋषिकेश के एम्स में ले गए, जहां 17 फरवरी को क्षितिज ने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना होने के बावजूद पुलिस तहरीर का इंतजार करती रही।
हादसे के बाद पूरी तरह से टूटने के बावजूद बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद 19 फरवरी को उनकी तहरीर के आधार पर अज्ञात डंपर चालक पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे नहीं बढ़ाई।
न्याय के लिए वह कई पुलिस अधिकारियों की चौखट पर पहुंचीं, लेकिन कहीं उनकी सुनवाई नहीं हुई। अक्टूबर 2024 में जांच अधिकारी ने केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
पुलिस कार्रवाई से व्यथित होकर उन्होंने खुद ही साक्ष्य जुटाने की ठानी और स्कूटी से निकलकर नंदा की चौकी से ढकरानी तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
डेढ़ वर्ष के संघर्ष के बाद उन्हें कुछ ऐसी फुटेज मिलीं, जिसमें एक डंपर उनके बेटे को रौंदते हुए दिख रहा है।
एसएसपी ने दिए दोबारा जांच के निर्देश
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि महिला की शिकायत सुनने के बाद थानाध्यक्ष प्रेमनगर नरेश राठौर को केस की दोबारा जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
महिला की ओर से जो सीसीटीवी फुटेज व डंपर का नंबर उपलब्ध कराया गया है, उसकी जांच कराई जाएगी। इस मामले में जो भी आरोपित होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।