पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पुलिस सेवाओं पर शुल्क को चुनौती, अगली सुनवाई 23 अप्रैल को
PIL in Punjab and Haryana High Court Challenges
Punjab and Haryana High Court में बुधवार को एक जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई, जिसमें Punjab सरकार द्वारा विभिन्न पुलिस सेवाओं पर लगाए गए शुल्क को चुनौती दी गई है। यह याचिका Council of Lawyers की ओर से दायर की गई है।
सुनवाई के दौरान काउंसिल ऑफ लॉयर के चेयरमैन Vasu Ranjan Shandilya और नेशनल कोऑर्डिनेटर Abhishek Malhotra ने अदालत के समक्ष विस्तृत बहस रखते हुए सरकार की नोटिफिकेशन और पॉलिसी को चुनौती दी।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पर ₹100, मोबाइल गुम होने की रिपोर्ट पर ₹100, सड़क दुर्घटना मामलों में अनट्रेस रिपोर्ट की प्रति के लिए ₹150, चोरी के मामलों में अनट्रेस रिपोर्ट की प्रति के लिए ₹150 और पुलिस की कार्रवाई (Action Taken Report) की प्रति के लिए ₹80 शुल्क वसूला जा रहा है। उनका कहना है कि यह शुल्क आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है।
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि गुमशुदगी, चोरी या दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में नागरिक पहले ही मानसिक और आर्थिक परेशानी में होते हैं। ऐसे में उनसे रिपोर्ट दर्ज कराने या उसकी प्रति लेने के लिए शुल्क लेना अनुचित, असंवैधानिक और जनविरोधी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के साथ-साथ Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita और Bharatiya Sakshya Adhiniyam के सिद्धांतों का भी उल्लंघन करता है।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि संबंधित नोटिफिकेशन राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त पॉलिसी की प्रति अदालत के सामने पेश की गई।
अदालत ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि उक्त पॉलिसी की प्रति औपचारिक रूप से रिकॉर्ड पर दाखिल की जाए और यह जानकारी भी दी जाए कि यह शुल्क पंजाब सरकार द्वारा कब से वसूला जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे जनता से इस प्रकार की कथित अवैध वसूली को किसी भी कीमत पर जारी नहीं रहने देंगे और अदालत के माध्यम से इस नोटिफिकेशन को रद्द कराने का प्रयास करेंगे।