कांगड़ा के लाल का सर्वोच्च बलिदान: जम्मू में ट्रेनिंग के दौरान शहीद हुए पैरा कमांडो अक्षित शर्मा

कांगड़ा के लाल का सर्वोच्च बलिदान: जम्मू में ट्रेनिंग के दौरान शहीद हुए पैरा कमांडो अक्षित शर्मा

Baijnath-Martyr-1773150062761_v

Para Commando Akshit Sharma martyred during training in Jammu

बैजनाथ (कांगड़ा)। Para Commando Akshit Sharma martyred during training in Jammu, जम्मू में ट्रेनिंग के दौरान बलिदान हुए पैरा कमांडो अक्षित शर्मा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के बैजनाथ के रहने वाले थे। सोमवार शाम को उनके घर में यह जानकारी मिल गई थी कि उनके बेटे के साथ तवी नदी में चल रही एक ट्रेनिंग में हादसा हो गया है और वह लापता है।

माता-पिता बेटे के सकुशल होने की प्रार्थना कर रहे थे। लेकिन मंगलवार सुबह 11 बजे उन्हें जानकारी मिली कि उनका बेटा बलिदान हो गया है। 

इकलौता बेटा था परिवार का

बैजनाथ पपरोला नगर परिषद के वार्ड नंबर 6 उस्तेहड़ गांव के निवासी सिपाही अक्षित शर्मा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। पिता विजय कुमार और माता रेनुवाला ने कड़ी मेहनत के दम पर अपने बेटे को पढ़ाया था। विजय कुमार कभी बैजनाथ शिव मंदिर के परिसर में स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी हुआ करते थे। पूजा पाठ से जो कुछ बचता था, उसके सहारे उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाया। 

7 साल पहले बेटा सेना में भर्ती हुआ, तो माता-पिता को एक सहारा हुआ। अक्षित अभी अविवाहित थे। 

नए मकान में प्रवेश की थी तैयारी

पिता विजय कुमार बताते हैं कि बेटे की शादी के लिए अब तैयारी शुरू कर दी थी। आज भी यह परिवार अपने पुराने मकान में रहता है। बेटा सेना में हुआ, तो उसके अच्छे भविष्य उसकी शादी के सपनों के साथ माता-पिता ने पुश्तैनी घर से कुछ मीटर की दूरी पर एक नया मकान भी तैयार कर लिया। आजकल उस मकान में प्रतिष्ठा यानी प्रवेश की तैयारी चल रही थी। 

दो महीने पहले आया था घर

अक्षित दो महीने पहले घर आया था। घर में माता-पिता उसके आने का इंतजार कर रहे थे ताकि नवरात्र में नए घर में पूजा पाठ के साथ प्रवेश हो पाए। लेकिन उससे पहले ही इस हादसे ने माता-पिता की खुशियां छीन ली। पिता विजय कुमार के आंसू  जम गए हैं। माता रेनू बाला का रो रो के बुरा हाल है। अक्षित ही दोनों माता-पिता का एकमात्र सहारा था। लेकिन अब वह नहीं रहा। अक्षित का बुधवार को पूरे सम्मान के साथ बैजनाथ पपरोला शमशान भूमि में संस्कार किया जाएगा। 

बाइक का था शौकीन, जिम में अधिक समय देता था अक्षित 

अक्षित शर्मा बाइक चलाने का काफी शौक रखता था।  उसके पास दो बाइक थी। एक बाइक को 2 महीने पहले वह अपने घर की बरामदे में पूरी तरह से ढक कर गया था। पिता विजय कुमार बताते हैं कि जैसे ही अक्षित घर आता था। सबसे पहले अपनी बाइक के कर को हटाता था। लेकिन अब उनके हाथ भी इस कवर को हटाने से कांप जाएंगे।