852 सरकारी स्कूलों की नुहार बदलने के लिए 17.44 करोड़ रुपये से अधिक फंड जारी: बैंस
- By Gaurav --
- Thursday, 08 Jan, 2026
Over Rs 17.44 crore funds released for facelift of 852 government schools
विद्यार्थियों के लिए सीखने के माहौल को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 852 सरकारी स्कूलों में नवीनीकरण कार्यों के लिए 17.44 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। इस कदम का उद्देश्य अकादमिक विकास के लिए विद्यार्थियों को रचनात्मक एवं उपयुक्त माहौल उपलब्ध करवाना है।
यह जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि विभाग ने पूरे राज्य में फंडों के समान वितरण को यकीनी बनाया है। अमृतसर को 1.58 करोड़ रुपये, बरनाला को 44.64 लाख रुपये, बठिंडा को 76.02 लाख, फरीदकोट को 50.31 लाख, फतेहगढ़ साहिब को 23.22 लाख, फाजिल्का को 1.13 करोड़ रुपये, फिरोजपुर को 40.41 लाख, गुरदासपुर को 1.18 करोड़ से अधिक, होशियारपुर को 97.44 लाख, जालंधर को 97.41 लाख, कपूरथला को 20.52 लाख, लुधियाना को 1.50 करोड़, मालेरकोटला को 15.75 लाख, मानसा को 61.11 लाख, मोगा को 32.74 लाख, मुक्तसर को 46.47 लाख, पठानकोट को 37.11 लाख रुपये, पटियाला को 1.50 करोड़ रुपये, रूपनगर को 78.14 लाख रुपये, एस.बी.एस. नगर को 25.29 लाख, संगरूर को 2.45 करोड़, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) को 42.87 लाख रुपये तथा तरन तारन को 59.49 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
श्री बैंस ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (सेकेंडरी) को निर्देश दिए हैं कि वे यह रकम सीधी संबंधित स्कूल प्रबंधन कमेटियों (एस.एम.सी.) के बैंक खातों में ट्रांसफर करें ताकि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं भाईचारे की भागीदारी यकीनी बनाई जा सके।
इस पहल को मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के सभी स्कूलों में मानक बुनियादी ढांचा प्रदान करने के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए श्री बैंस ने कहा, ‘‘एक उज्ज्वल, साफ-सुथरा एवं संगठित स्कूल वातावरण बच्चों की एकाग्रता एवं सीखने-सामर्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। हम अपने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास कर रहे हैं तथा उम्मीद करते हैं कि सरकारी स्कूलों को शिक्षा के पुनरुद्धार का केंद्र बनाने में हम सफल होंगे।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक विद्या मानकों के अनुकूल बनाकर हमारा लक्ष्य यह यकीनी बनाना है कि सरकारी स्कूल में आने वाला हर बच्चा खुद को उत्साहित, मूल्यवान एवं अच्छा शिक्षार्थी महसूस करे।’’