महिला आरक्षण पर विपक्ष घिरा, 25 अप्रैल को जंतर मंतर पर प्रदर्शन
Opposition cornered on women's reservation issue
अनिल कुमार गुप्ता अर्थ प्रकाश दिल्ली
नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल को लेकर नेशनल अकाली दल ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई दल सार्वजनिक तौर पर महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, लेकिन वास्तविक निर्णय के समय महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने से पीछे हट जाते हैं। इसे उन्होंने महिलाओं के साथ अन्याय बताया।
पार्टी ने इस मुद्दे पर 25 अप्रैल को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। साथ ही दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं के अधिकारों को लेकर जनजागरूकता बढ़ाई जा सके।
इस दौरान संगठन में बदलाव करते हुए भावना धवन को महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। रेणु लूथरा को राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जबकि रूबी जिंदल और सोना बत्रा को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। दिल्ली महिला विंग में रोजी विरमानी को महासचिव और सुषमा को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
नेशनल अकाली दल ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना उनका अधिकार है और इससे देश की राजनीति में संतुलन और भागीदारी मजबूत होगी। पार्टी ने महिलाओं की सक्रिय भूमिका को विकसित भारत के लक्ष्य के लिए जरूरी बताया।