राजस्थान कांग्रेस में जारी घमासान: अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच टकराव

राजस्थान कांग्रेस में जारी घमासान: अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच टकराव

Ongoing turmoil in Rajasthan Congress

Ongoing turmoil in Rajasthan Congress

जयपुर। Ongoing turmoil in Rajasthan Congress, राजस्थान कांग्रेस के नेताओं में आपसी संघर्ष जारी है। चार दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को लेकर मीडिया से बात करते हुए बगावती तेवर अपनाए थे। गहलोत ने पायलट को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के रूप से स्वीकार करने से इनकार किया था। गहलोत ने अपने मुख्यमंत्री काल में पायलट खेमे की ओर से की गई बगावत को भाजपा से मिली भगत बताया था।

अब बुधवार को पायलट ने करौली जिले के सगराटा में आयोजित किसान सम्मेलन में गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा,आंख में आंख डालकर देखोगे तो पता चल जाएगा कि सोच कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है।

राहुल गांधी गहलोत को नियंत्रण में रखें- रमेश मीणा

पायलट ने कहा, "मैंने सभी नेताओं का मान-सम्मान किया है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं रहे।" वहीं पायलट समर्थक पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी गहलोत को नियंत्रण में रखें, नहीं तो कांग्रेस का बेडा गर्क कर देंगे। गहलोत को कांग्रेस ने तीन बार सीएम बनाया, लेकिन उन्होंने तीनों बार पार्टी को हराने का काम किया।

गहलोत का नार्को टेस्ट करवाया जाना चाहिए- रमेश मीणा

उन्होंने कहा कि गहलोत का नार्को टेस्ट करवाया जाना चाहिए कि उन्होंने वे कितना सही और कितना झूठ बोलते हैं। गहलोत ने कहा था कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मानेसर जाने वाले विधायकों ने भाजपा से दस-दस करोड़ रूपए लिए थे। यह पूरी तरह से झूठ है।

गहलोत ने खुद भारतीय ट्राइबल पार्टी, निर्दलीय एवं भाजपा विधायकों को पैसे दिए थे। इस दौरान कांग्रेस के कई नेताओं ने गहलोत के खिलाफ कांग्रेस आलाकमान को शिकायत करने की बात कही। किसान सम्मेलन के दौरान पायलट ने अपने पिता स्व. राजेश पायलट की मृर्ति का अनावरण भी किया।

गहलोत ने पायलट पर लगाए थे भाजपा से मिली भगत के आरोप

उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले गहलोत ने जयपुर में मीडिया से बात करते हुए पायलट पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पायलट ने भाजपा से मिली भगत कर बगावत की थी। उस समय पायलट कांग्रेस विधायकों को मानेसर लेकर गए थे। भाजपा ने इन विधायकों को दस-दस करोड़ रूपए दिए थे।