बघौला में दूसरे दिन बाल व्यास चिरंजीव गोपाल भारद्वाज की कथा सुन झूमे श्रोतागण
Chiranjeev Gopal Bhardwaj
पलवल। दयाराम वशिष्ठ: Chiranjeev Gopal Bhardwaj: गांव बघौला में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन बाल व्यास चिरंजीव गोपाल भारद्वाज की मधुर वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। व्यास जी ने प्रथम स्कंध के माध्यम से सूद जी और शौनकादि ऋषियों के संवाद का वर्णन किया। कथा में राजा परीक्षित को श्रृंगी ऋषि के शाप मिलने, शुकदेव जी के आगमन और भागवत महापुराण के महत्व को विस्तार से समझाया गया, जिससे श्रोता भावविभोर हो गए।

बाल व्यास ने अपने प्रवचनों में धर्म, भक्ति और सदाचार का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि भगवान का स्मरण ही जीवन के सभी कष्टों का समाधान है। इस संसार में सत्य सभी को प्रिय है। ठाकुर बांके बिहारी जी ही सत्य हैं। श्रीमद भागवत कथा का मात्र श्रवण से ठाकुर जी कैद होकर रह जाते हैं।

कथा का आयोजन गांव बघौला की पूर्व सरपंच मूर्ति देवी के आर्शीवाद से उनके पुत्र मदन गोपाल उर्फ मन्नी, घनश्याम, लीलंत व दिनेश की ओर से किया जा रहा है। बाल व्यास चिरंजीव गोपाल भारद्वाज की ओर से संतों की महिमा का बखान करते हुए संगीतमयी सुनाए भजन मेरा तार हरि से जोडे, मुझे ऐसा कोई संत मिले, पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कथा का आनंद लिया। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी दिनों में भी कथा इसी प्रकार जारी रहेगी।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति एवं धर्मप्रेमी उपस्थित रहे, जिन्होंने कथा का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बनाया।