पंजाब में मोटापा बना बड़ी स्वास्थ्य चुनौती, 57% लोग पेट के मोटापे से ग्रस्त
- By Gaurav --
- Tuesday, 07 Apr, 2026
Obesity Rising in Punjab, 57% People
Punjab में लोगों की सेहत को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में मोटापा तेजी से गंभीर समस्या बनता जा रहा है। Ministry of Health and Family Welfare की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के करीब 57 प्रतिशत लोग पेट के मोटापे (एब्डॉमिनल ओबेसिटी) से जूझ रहे हैं, जबकि लगभग 39 प्रतिशत लोग सामान्य मोटापे का शिकार हैं। रिपोर्ट में इसके पीछे खराब खान-पान और सुस्त जीवनशैली को मुख्य कारण बताया गया है।
देश में दूसरे नंबर पर पंजाब
Indian Council of Medical Research (ICMR) की एक स्टडी के अनुसार पेट के मोटापे के मामलों में पंजाब देश में दूसरे स्थान पर है। इस सूची में Kerala 58.2 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, जबकि पंजाब में यह दर 57 प्रतिशत दर्ज की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर पेट के मोटापे की औसत दर लगभग 39.5 प्रतिशत है, जो पंजाब की तुलना में काफी कम है।
फैट की खपत में बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार पिछले 12 वर्षों में शहरी पंजाबियों के खान-पान में फैट की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2011-12 में जहां यह 69.2 ग्राम प्रतिदिन थी, वहीं 2023-24 में बढ़कर 80.9 ग्राम हो गई है। ग्रामीण इलाकों में भी फास्ट फूड के बढ़ते चलन के कारण फैट की खपत करीब 75.4 ग्राम प्रतिदिन तक पहुंच गई है।
बीमारियों का बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा केवल शारीरिक बनावट का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह High Blood Pressure, Heart Disease, Kidney Disease, Stroke और Diabetes जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा देता है। बढ़ता वजन शरीर में इंसुलिन संतुलन को प्रभावित करता है, जिससे डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है।
इस स्थिति को देखते हुए सरकार लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के लिए Eat Right Movement और Fit India Movement जैसे अभियान चला रही है।