"नर्सिंग सेवा और संवेदना का पेशा": सीएम योगी ने 1228 नर्सिंग अधिकारियों को दी नियुक्ति

"नर्सिंग सेवा और संवेदना का पेशा": सीएम योगी ने 1228 नर्सिंग अधिकारियों को दी नियुक्ति

"Nursing: A Profession of Service and Compassion"

‘नियुक्ति पत्र नहीं, नवरात्रि के अवसर यह नारी स्वावलंबन का पत्र’

सीएम का बड़ा आरोप, सपा सरकार में विभाग में नियुक्त था एक माफिया

लखनऊ। "Nursing: A Profession of Service and Compassion", मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में 1228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया। इनमें 1097 महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी थे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के साथ ही कहा कि नवरात्रि के अवसर यह नारी स्वावलंबन का पत्र है। उन्होंने कहा कि भारतीय नर्सिंग अधिकारियों की जापान, जर्मनी और कोरिया समेत देशों में बड़ी डिमांड है। इसको देखते हुए बीएससी नर्सिंग और एनएम में कोई न कोई भाषा अवश्य पढ़ाई जाए। अंतर्राष्ट्रीय भाषा भी जानें, इसकी बहुत मांग है और लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग का पेशा सेवा और संवेदना का है और जब मरीज़ के साथ सेवा और संवेदना जुड़ती है तो उसके परिणाम आगे आते है। नर्सिंग ऐसा क्षेत्र है, जिसमें 100% प्लेसमेंट की गारंटी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में आज 1,228 अभ्यर्थियों का नर्सिंग अधिकारी के रूप में सफल चयन के उपरांत नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं। नवरात्रि के इस अवसर पर महिलाएं प्रसन्न होंगी कि उन्होंने पुरुषों से अधिक संख्या में चयन प्राप्त किया है। हमने पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है, जबकि वर्ष 2017 तक प्रदेश में मात्र 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं। इस बढ़ी हुई भागीदारी के परिणामस्वरूप प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अधिक प्रभावी कदम उठाने में सफल हुए हैं।

नौ वर्ष में नौ लाख लोगों को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने नौ वर्ष में नौ लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का बहुत बुरा हाल था। पहले गोरखपुर में जिला अस्पताल में एक सरकारी नर्सिंग स्कूल था, जहां प्रिंसिपल ही टीचर थीं। अब हर जिले में मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज बन रहा।

हमारी सरकार के कार्यकाल में 35 एएनएम ट्रेनिंग सेंटर फिर चलाए गए। 31 नर्सिंग कॉलेज का निर्माण हो रहा है। हमने 976 सीएचसी को टेलीमेडिसिन से जोड़ा गया है। सभी केंद्रों पर सामान कोर्स और परीक्षा प्रणाली चलेगी। इसके साथ ही नर्सिंग में 7000 और पैरा में 2000 सीट की वृद्धि की गई है। इस दौरान उन्होंने सपा सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि उनके समय में एक विभाग एक माफिया नियुक्त था, हमने पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां कीं।

कार्य सेवा और संवेदना से जुड़ा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नर्सिंग का यह कार्य सेवा और संवेदना से जुड़ा है। आपकी सेवा और संवेदना जब मरीज के साथ सहयोगी बनती है, तो उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।

इसी भावना के साथ आज आपको जोड़ने के लिए आज यह कार्यक्रम आयोजित हुआ है। उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया। आज उसी का परिणाम है कि यह परिवर्तन हमें हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है, जिससे उत्तर प्रदेश आज राष्ट्रीय औसत के समकक्ष खड़ा हो रहा है। आज उत्तर प्रदेश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के अंतर्गत लगभग सवा नौ करोड़ लाभार्थी जुड़े हुए हैं। सीएम ने कहा कि नौ वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स सुचारु रूप से संचालित हो रहे हैं।

महराजगंज, संभल, शामली सहित अन्य जनपदों में पीपीपी मोड पर स्थापित मेडिकल कॉलेज भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में नर्सिंग की सीटों में 7,000 तथा पैरामेडिकल की सीटों में 2,000 की वृद्धि की गई है। प्रदेश में एमबीबीएस (यूजी) की सीटें पहले 5,390 थीं, जो बढ़कर 12,000 से अधिक हो गई हैं, जबकि पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 5,056 हो गई हैं।