लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन
Naval Gallantry Park Inaugurated in Lucknow
लखनऊ। Naval Gallantry Park Inaugurated in Lucknow, देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया। जल सीमाओं के सजग प्रहरियों की वीरता, अदम्य साहस एवं आधुनिक तकनीकी दक्षता को समर्पित नौसेना शौर्य वाटिका यानी नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण का निर्माण इकाना क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक दो एकड़ में किया गया है।
रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि लखनऊ की यह नौसेना वाटिका राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव का प्रतीक है। नौसेना वाटिका भारतीय नौसेना की वीरता, शौर्य और राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि यह वाटिका नई पीढ़ी को सशस्त्र बलों के त्याग, समर्पण और देशभक्ति से प्रेरित करेगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना ने देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने नौसेना के जवानों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्मारक देश के सैन्य इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही नौसेना के स्मारक में पनडुब्बी भी रखवाएंगे।
महत्वपूर्ण चौराहों पर रखा जाना चाहिए टैंक: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा की युद्ध में भारतीय सेना को जीत दिलाने के बाद रखे गए टैंकों को प्रदेश के महत्वपूर्ण चौराहों पर स्थापित किया जाना चाहिए। इनसे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और लोगों में सेना और सैनिकों के प्रति सम्मान और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आने वाला कोई भी व्यक्ति यहां भारत की परंपरा, विरासत तथा सुरक्षा से जुड़े किसी केंद्र का भ्रमण कर सकता है और उस पर गौरव की अनुभूति कर सकता है। इसी शृंखला में 'नौसेना शौर्य वाटिका' एक नए केंद्र के रूप में यहां स्थापित हुई है।
उन्होंने कहा कि INS गोमती ने लंबे समय तक भारत की समुद्री सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वर्ष 2022 में इसे भारतीय नौसेना से निवृत्त किया गया। इसे लखनऊ की जीवनदायिनी गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया है। यहां देश और प्रदेश के युवाओं को भारतीय नौसेना के बारे में जानकारी तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा प्राप्त होगी।
भारतीय नौसेना समुद्री रास्ता सुरक्षित रखने में सक्षम
ईरान अमेरिका व इजरायल के बीच चले रहे युद्ध के कारण प्रभावित हुए हॉर्मूज समुद्री मार्ग के कारण बढ़ रहे वैश्विक संकट के बीच नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और विकास का भविष्य समुद्र पर निर्भर है। भारतीय नौसेना समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखन सुनिश्चित रखती है। नौसेना संग्रहालय के उद्घाटन कार्यक्रम में एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे प्रदेश में मैरिटाइम म्यूजियम बनाने के तीन कारण है। पहला तो ये कि सदियों पहले जब ट्रेन जैसे साधन नहीं थे तब इस क्षेत्र की पहचान समुद्र के जरिए कनेक्टिविटी के रूप में बनी रही। गंगा और गोमती जैसी नदियां समुद्र से जोड़ती थी। दूसरा उत्तर प्रदेश के जंगलों की लकड़ियों से जहाज बनाए जाते थे।
आज भी भारतीय नौसेना में सर्वाधिक ऑफिसर, सेलर और अग्निवीर उत्तर प्रदेश से आते है। सबसे अधिक वेटरन उत्तर प्रदेश से है और तीसरा गोमती नदी है। भले ही समुद्र उत्तर प्रदर्श से दूर हो, लेकिन उत्तर प्रदेश कभी समुद्र से दूर नहीं रहा। नौसेना शौर्य वाटिका में जो आईएनएस गोमती के उपकरण लगाए गए हैं, वह युद्धपोत मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड ने बनाया था।
आईएमएस गोमती ने ऑपरेशन कन्ट्स और वर्ष 2001 में संसद पर हुए हमले के बाद पाकिस्तान में खिलाफ ऑपरेशन पराक्रम में हिस्सा लिया था। यह वाटिका युवाओ को देश के मैरीटाइम को समझने का मौका देगी। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और विकास का भविष्य समुद्र से जुड़ी है।