घर में नए जन्मे बच्चे का Naamkaran करना है तो इन बातो का खास रखना होगा ध्यान वरना भविष्य पर पड़ेगा असर 
naamkaran ceremony

घर में नए जन्मे बच्चे का Naamkaran करना है तो इन बातो का खास रखना होगा ध्यान वरना भविष्य पर पड़ेगा अस

घर में नए जन्मे बच्चे का Naamkaran करना है तो इन बातो का खास रखना होगा ध्यान वरना भविष्य पर पड़ेगा असर 

Astrology Tips : ज्योतिषी ज्ञान में नामकरण को बहुत अहमियत दी गयी है। घर में जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है तो उसका नामकरण उसकी कुंडली के समक्ष रखा जाता है ताकि उसका आने वाला भविष्य अच्छा रहे। बच्चे के जन्म के साथ ही लोगों में उसका नाम रखने को लेकर हड़बड़ी रहती है। हिंदू धर्म में बच्चे के जन्म के बाद नाम रखने के लिए नामकरण संस्कार का आयोजन किया जाता है। इसको 16 संस्कारों में पांचवा स्थान दिया गया है। नाम किसी भी इंसान के लिए काफी विशेष होता है। ऐसे में जल्दबाजी में नहीं, बहुत सोच-समझ कर नाम रखना चाहिए। आइए जानते है नामकरण के लिए क्या है विशेष। 

हवन करवाना 
बच्चे का नाम नक्षत्रों, ग्रहों की दिशा, तिथि को देखकर रखा जाता है। इसके आधार पर ही कुंडली भी तैयार की जाती है और राशि का निर्धारण होता है। इसके बाद ही बच्चे का नाम रखा जाता है। बच्चे के नामकरण के दिन हवन का आयोजन जरूर किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। 

ॐ और स्वास्तिक का चिह्न 
वैसे तो बच्चे का नामकरण संस्कार घर में ही करना चाहिए। बच्चे को पूजा स्थल पर लाने से पहले उसकी कमर में सुतली या रेशम का धागा जरूर बांधें। नामकरण संस्कार के दौरान पूजा के कलश पर ओम और स्वास्तिक का चिह्न बनाएं। 

किस दिन न रखें नाम
नए जन्मे बच्चे का नामकरण करते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि उसका नाम किसी पर्व के दिन अष्टमी, चतुर्दशी, अमावस्या और पूर्णिमा के दिन नहीं रखना चाहिए। वहीं, चतुर्थी तिथि, नवमी तिथि, चतुर्दशी तिथि और रिक्ता तिथि के दिन बच्चे का नाम रखना भी अशुभ माना जाता है। 

नामकरण के लिए ये तारीख होती हैं शुभ
बच्चे का नाम रखने के लिए तारीखों को चुनना है तो 1,2,3,5,6,7,10,11,12,13 तारीख को नामकरण संस्कार किया जा सकता है। बच्चे का नाम कुलदेवी या देवता के नाम पर रखना शुभ माना जाता है। 

चरित्र को दर्शाता है नाम
कुंडली और ग्रहों की चाल के आधार पर रखा गया नाम बच्चे के चरित्र को दर्शाता है। अगर बच्चे का नाम ग्रहों की स्थिति से मेल न खाएं तो उनके लिए दुर्भाग्य भी ला सकता है। इसलिए नए बच्चे का नामकरण बहुत सोच -समझ कर रखे ताकि इससे उसका चरित्र और भविष्य दोनों उज्जवल रहे।