My Focus Is to Play Match

लंबी पारी खेलकर टीम को जिताना लक्ष्य: प्रभसिमरन सिंह

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आईपीएल में शानदार शुरुआत करने वाले बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने अपनी बल्लेबाजी अप्रोच, टीम के माहौल और भारतीय टीम में जगह बनाने की संभावनाओं को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब उनका फोकस छोटी पारियों से आगे बढ़कर टीम को मैच जिताने वाली लंबी पारियां खेलने पर है।

सीजन की शुरुआत को लेकर प्रभसिमरन ने कहा, “पहले मैं 30-40 रन बनाकर आउट हो जाता था, लेकिन अब कोशिश रहती है कि लंबी पारी खेलूं। हमारे लिए ऑरेंज कैप या पर्पल कैप मायने नहीं रखती, लक्ष्य यही है कि टीम आसानी से मैच जीत सके।”

टॉप ऑर्डर विकेटकीपर बल्लेबाजों की प्रतिस्पर्धा पर उन्होंने कहा कि वह केएल राहुल, संजू सैमसन, ईशान किशन और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों को कॉपी नहीं करते। “उनका अपना स्टाइल है और मेरा अपना। हां, विकेटकीपिंग में मैं एमएस धोनी को फॉलो करता हूं, उनके हाथ बहुत तेज हैं,” उन्होंने कहा।

टी20 क्रिकेट में बढ़ते स्कोर को लेकर उन्होंने कहा कि अब 200 से ज्यादा का स्कोर आम हो गया है। “पहले 170-180 रन डिफेंड हो जाते थे, लेकिन अब 250 रन बनाना भी उतना मुश्किल नहीं रहा। पावरप्ले से ही अटैक करना पड़ता है,” उन्होंने बताया।

टीम के माहौल पर उन्होंने कहा कि लंबा टूर्नामेंट होने के कारण खिलाड़ी एक परिवार की तरह रहते हैं। “घर जाना मुश्किल होता है, इसलिए टीम ही परिवार बन जाती है। मेरी मां भी कई बार खाना लेकर आती हैं, जिससे माहौल और पॉजिटिव हो जाता है,” उन्होंने कहा।

पंजाब किंग्स के साथ अपने सफर पर उन्होंने बताया कि उन्हें टीम के साथ करीब आठ साल हो चुके हैं। “शुरुआत में मौके कम मिले, लेकिन पिछले तीन-चार साल में अवसर मिले और मैंने हर बार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की। टीम ने मुझे सपोर्ट किया है, इसलिए उन्हें अच्छा रिजल्ट देना मेरा फर्ज है।”

कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच रिकी पोंटिंग के साथ रिश्ते पर उन्होंने कहा कि टीम में बेहद सकारात्मक माहौल है और सभी खिलाड़ी परिवार की तरह रहते हैं।

छक्के लगाने की अपनी क्षमता को लेकर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह प्रैक्टिस और टेक्नीक पर निर्भर करता है। “मैं अपने भाई और कोच के साथ अलग-अलग ड्रिल्स करता हूं और नई-पुरानी गेंद दोनों के खिलाफ तैयारी करता हूं।”

युवराज सिंह के साथ अपने रिश्ते पर प्रभसिमरन ने कहा कि वह कोच से ज्यादा बड़े भाई की तरह हैं। “जब भी मौका मिलता है, उनसे बात करता हूं और वे टेक्नीक और माइंडसेट पर सलाह देते हैं।”

भारतीय टीम में जगह बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना ही एकमात्र रास्ता है। “अगर आप अच्छा करते हैं, तो मौका जरूर मिलता है,” उन्होंने कहा।