Winning Medals In Olympics : ओलंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करना है ही मेरा सपना: नवनीत
Winning Medals In Olympics

ओलंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करना है ही मेरा सपना: नवनीत

ओलंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करना है ही मेरा सपना: नवनीत

कोच ने बनाया चैंपियन, कभी सोचा नहीं था अच्छा फाइटर बनुंगा

Winning Medals In Olympics : कैथल :  कभी सोचा भी नहीं था कि इतना अच्छा फाइटर बन पाउंगा। आप मुझे सालभर पहले देखते तो हैरान रह जाते। मेरा वेट बढा हुआ था। मोटापा बढ रहा था। अचानक हमारे स्कूल में मार्शल आर्ट सिखाने के लिए नये कोच आये और उसके बााद सब कुछ बदल गया। मात्र 100 रूपये में वह कराटे, ताईक्वांडों, किक बॉक्सिंग, योगा और वुशू की टरेनिंग दे रहे थे। संपूर्ण मिक्स मार्शल आर्ट का पुरा पैकेज। मैंने इस अवसर को हाथ से नहीं जाने दिया। कोच ने इतने जबरदस्त ढंग से मुझे तैयार किया कि साल के अंत तक आते आते मैंन कई सारी प्रतियोगिताओं में अपने जोहर दिखाने शुरू कर दिये थे ओर साल के अंतिम माह में अंतराष्टीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीत कर सबको हैरान कर दिया। हर ओर मेरी तारीफ हो रही थी। माता पिता को हर ओर से बधाईयां मिल रही थी। सब मुझे बधाई दे रहे थे और तारीफ कर रहे थे, लेकिन मुझे पता था कि कोच ने इसके लिए काफी मेहनत की है।

जब मैने क्लब ज्वाइन किया था तो मुझसे बेहतर बहुत से फाइटर थे ओर उनसे फाइट करने में भी मुझे डर लगता था। लेकिन अब मुझे डर नहीं लगता। अब किसी से भी कहीं भी फाइट कर सकता हुं। कोच ने हमारे एटीटयूड को सकारात्मक बनाने के लिए हमें पढने के लिए प्ररेणादायक किताबें दी। कोच ने हमे रिंग के साथ साथ जीवन के सफर में समस्याओं से लडने के लिए भी तैयार किया है। अब जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या आ जाये में हमें उससे डरने की जरूरत नहीं है। हम उसको पार कर ही लंेगे। अब मैं सोचता हुं कि यदि मैने मार्शल आर्ट की टरेनिंग नहीं ली होती तो यह अनुभव कभी नहीं पाता। इसी अनुभव और कोच के मार्गदर्शन के बिना मैं इतना बेहतर इंसान नहीं बन पाता। कोच ने ही हमें सिखाया है कि हमेशा कमजोर व जरूरतमंद लोगों की मदद करो। ताकत हमारे पास होनी चाहिए, लेकिन उस ताकत का कभी भी गलत इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि ताकत एक प्रकार की जिम्मेवारी है।

मैं अंतराष्टीय स्तर पर मेडल जीतकर अपने माता पिता एवं देश का नाम रोशन करना चाहता हुं। खेलों की दुनियां में शानदार ढंग से नाम कमाने का सपना है। मेरे मम्मी पापा ने मेरा हर सपना पुरा किया है। वह हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते हैं। वही मेरे आर्दश हैं। उनके सहयोग के बिना इतनी बडी जीत मिलना संभव हीं नहीं था। हम अपने माता पिता के लिए कितना ही कुछ क्यों न कर लें। लेकिन उनका अहसान हम भी चुका नहीं सकते। क्लब के साथिथों को भी मैं धन्यवाद देना चाहुंगा कि उन्होंने भी मेरा बहुत सहयोग किया। खासतौर पर विराज का उन्होंने मुझ काता सिखने में मदद की है और वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त भी है। सौरभ ने काफी मदद की है, वह मेरे बडे भाई जैसा है। वह सबका ख्याल रखता है और सभी की मदद करता है।