मंडी में पारा 40°C के पार, लू से बचने के लिए पहाड़ी फल 'काफल' की बढ़ी मांग; दाम गिरकर ₹400 किलो हुए
Mercury Crosses 40°C in Mandi
Mercury Crosses 40°C in Mandi, मई में सूर्य देव के तीखे तेवरों ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। सुबह 11 बजते ही तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पार कर रहा है और दोपहर तक 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच रहा है।
मौसम विभाग शिमला के अनुसार मैदानी व मध्य-पहाड़ी क्षेत्रों में पारा सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। दोपहर में भीषण लू के कारण बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। इस तपती गर्मी में खुद को सेहतमंद रखना बड़ी चुनौती है।
इस हीट वेव से बचाव के लिए लोग अब पारंपरिक पहाड़ी औषधीय फलों का रुख कर रहे हैं, जिससे जंगली फल काफल की मांग बढ़ गई है। मई-जून में मिलने वाले इस रसीले फल की मंडी के बाजारों में भरपूर आवक हो रही है।
काफल के दाम हुए कम
शुरुआत में 600 प्रति किलो बिकने वाला काफल अब आपूर्ति बढ़ने से 400 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। विटामिन-सी, कैल्शियम और आयरन से भरपूर होने के कारण लोग इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।
चिकित्सकों ने डीहाइड्रेशन से बचने के लिए काफल के साथ तरबूज, खरबूजा और संतरा जैसे रसीले फल डाइट में शामिल करने की सलाह दी हैं। बेल का शरबत पेट की गर्मी शांत करने में अचूक है।
दोपहर 12 से तीन बजे के बीच धूप में निकलने से बचें, सिर को सूती कपड़े या छाते से ढकें और लगातार पानी, नींबू पानी या ओआरएस पीते रहें। तेज मसालेदार भोजन और कैफीन से पूरी तरह परहेज करें।
डॉ. अभिषेक शर्मा ने कहा कि गर्मी में खान-पान की लापरवाही भारी पड़ सकती है। एंटी-आक्सीडेंट से भरपूर काफल शरीर को ठंडक देने के साथ शुगर और बीपी नियंत्रित करने में रामबाण है। यह पेट के विकार दूर कर इम्युनिटी बढ़ाता है। धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए काफल, तरबूज, संतरा और बेल के शरबत का अधिक प्रयोग करें।