मोहाली में विशाल महिला निरंकारी संत समागम का आयोजन, बहनों ने संभाली पूरी व्यवस्था
Massive Women's Nirankari Sant Samagam Organized in Mohali
मोहाली/चंडीगढ़ /पंचकुला , 9 मई : मोहाली के फेस-6 स्थित संत निरंकारी मिशन के संत निरंकारी सत्संग भवन में विशाल महिला निरंकारी संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक समागम में मोहाली, टीडीआई, चंडीगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि समागम की संपूर्ण व्यवस्था बहनों द्वारा ही संभाली गई, जिसने अनुशासन, सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की।
समागम के दौरान विभिन्न भाषाओं और पारंपरिक वेशभूषाओं में उपस्थित बहनों ने निराकार प्रभु के गुणों का सुंदर वर्णन किया और भक्ति भाव से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मुख्य मंच से सेवा निभाते हुए चंडीगढ़ की प्रचारक बहन श्रीमती पिंकी वालिया जी ने कहा कि वर्तमान समय में माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्मज्ञान के माध्यम से मानवता को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मा 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मानव जीवन प्राप्त करती है और इसी मानव तन में निराकार प्रभु की पहचान कर जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पाई जा सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि सेवा, सिमरन और सत्संग से जुड़कर भक्ति को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। गुरसिख हमेशा आनंद और सहज अवस्था में जीवन व्यतीत करता है तथा अपने सतगुरु पर पूर्ण विश्वास रखते हुए सेवा और भक्ति में निरंतर जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने विभिन्न संस्कृतियों और विचारों को जोड़कर प्रेम और भाईचारे का एक सुंदर गुलदस्ता तैयार किया है, जो पूरे संसार के लिए मिसाल बन चुका है।
इससे पूर्व चंडीगढ़ जोन के जोनल इंचार्ज ओ. पी. निरंकारी ने समागम में पहुंची संगत और श्रीमती पिंकी वालिया जी का स्वागत एवं धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन प्रेम, भक्ति और आपसी सम्मान का संदेश दे रहा है। आज के महिला समागम में बहनों द्वारा अनुशासन और समर्पण के साथ निभाई गई सेवाएं सतगुरु की सिखलाई का जीवंत उदाहरण हैं।