हिमाचल पंचायत चुनाव 2026: नई पंचायतों के गठन और आरक्षण रोस्टर पर बड़ी तैयारी
Major preparations underway for the formation
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के पास वर्तमान में लगभग 600 नई पंचायतों के गठन के लिए आवेदन लंबित हैं। हालांकि, सरकार इतनी बड़ी संख्या में नई पंचायतें नहीं बनाएगी, फिर भी 18 मार्च तक नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया जारी रह सकती है। बुधवार को पंचायती राज सचिव सी पालरासू ने सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की और उन्हें पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों से फीडबैक भी लिया और अदालत के आदेशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सभी स्थानों पर पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को तेजी से निपटाने का निर्देश दिया गया है।
कब जारी होगा आरक्षण रोस्टर
माना जा रहा है कि पंचायती राज विभाग 22 मार्च तक सभी पंचायतों के लिए चुनावी आरक्षण रोस्टर जारी कर देगा। इस रोस्टर में यह स्पष्ट होगा कि इस बार कौन सी पंचायत आरक्षित रहेगी और कौन सी ओपन रहेगी। सरकार ने वर्ष 2010 के चुनाव को आधार मानते हुए निर्णय लिया है कि जिन पंचायतों को दो बार आरक्षित किया गया था, उन्हें इस बार ओपन किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय के बाद पंचायती राज विभाग ने चुनावी रोस्टर तैयार करने में तेजी दिखाई है।
नई पंचायतों पर स्थिति स्पष्ट नहीं
उधर, नई पंचायतों के गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वर्तमान में, सरकार द्वारा जो नई पंचायतें बनाई जा रही हैं, उनके बाद प्रदेश में पंचायतों की संख्या 3700 से अधिक हो जाएगी। पहले सरकार ने 93 पंचायतों के प्रस्ताव पारित किए थे, इसके बाद 41 नई पंचायतों के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हाल ही में 61 नई पंचायतों को भी मंजूरी प्रदान की गई है। पहले पंचायतों की कुल संख्या 3577 थी, लेकिन नई पंचायतों के प्रस्तावों के बाद यह संख्या 3700 से अधिक हो जाएगी।
18 मार्च तक जारी रहेगी प्रक्रिया
हालांकि, पंचायती राज विभाग ने अभी आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद नई पंचायतों के संबंध में अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत, सरकार नई पंचायतों को मंजूरी दे रही है और यह सिलसिला 18 मार्च तक जारी रहेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 21 मार्च तक का समय है, और 18 मार्च तक नई पंचायतों के संबंध में निर्देश दिए जा सकते हैं। इस पूरे मामले पर राज्य चुनाव आयुक्त के साथ भी चर्चा की जा चुकी है।