बिहार राजस्व विभाग में बड़ी सफलता: कर्मचारियों का पदनाम बदलेगा; सहायक राजस्व अधिकारी कहलाएंगे कर्मी, निलंबन भी होगा वापस
Major Breakthrough in Bihar Revenue Department
पटना। Major Breakthrough in Bihar Revenue Department, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और हड़ताली राजस्व कर्मचारियों के बीच बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है।
उधर राजस्व सेवा के हड़ताली अधिकारियों ने भी कहा है कि उन्हें भी सकारात्मक बातचीत की प्रतीक्षा है। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल और बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बीच बातचीत में कई मुद्दे पर सहमति बन गई है।
संघ की यह मांग मान ली गई है कि राजस्व कर्मचारी का पदनाम बदल कर सहायक राजस्व अधिकारी कर दिया जाएगा। प्रधान सचिव ने कहा कि वे पदनाम में परिवर्तन की अनुशंसा कर देंगे।
मुख्य सचिव के माध्यम से यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। हड़ताल अवधि के समायोजन पर भी सहमति बन गई है। हड़ताल अवधि से सेवा प्रभावित नहीं होगी।
इस अवधि की अनुपस्थिति के समायोजन के लिए सरकार असाधारण अवकाश स्वीकृत करेगी। इसबीच, राजस्व सेवा संघ के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि उन्हें भी सरकार के स्तर से सकारात्मक बातचीत के प्रस्ताव की प्रतीक्षा है।
सीएम का पॉजिटिव रूख
प्रवक्ता ने कहा कि हमारी मांगों के प्रति मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का रूख सकारात्मक है।इस सेवा के अधिकारी पूरे मनोयोग से जनता की सेवा करना चाहते हैं।हमारी मांग नई नहीं है।
हमारे संवर्ग के अधिकारियों को डीसीएलआर बनाया जाए, सरकार पूर्व में भी इस मांग पर सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है। पटना हाई कोर्ट का आदेश भी इसके पक्ष में है।
हटाया जाए निलंबन
इस बीच विभाग के अपर सचिव डॉ. महेन्द्र पाल ने रविवार को जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर निलंबित राजस्व कर्मियों को निलंबन मुक्त करने की अनुशंसा की है।
ये कर्मचारी 11 फरवरी से हड़ताल पर हैं। हड़ताल की अवधि में बड़ी संख्या में इन्हें निलंबित किया गया है। इनके विरूद्ध अनुशानिक कार्रवाई का अधिकार जिलाधिकारियाें को है।
डॉ. पाल ने कहा है कि जनगणना में राजस्व कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए हड़ताल के दौरान निलंबित राजस्व कर्मचारियों को निलंबन मुक्त करने की अनुशंसा की गई है।