60 करोड़ रुपये के सरकारी धन गबन मामले में बड़ी कार्रवाई, वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल गिरफ्तार

60 करोड़ रुपये के सरकारी धन गबन मामले में बड़ी कार्रवाई, वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल गिरफ्तार

Major action in ₹60 crore government fund embezzlement case

Major action in ₹60 crore government fund embezzlement case

 पंचकूला। Major action in ₹60 crore government fund embezzlement case, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े सरकारी धन के गबन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने उन्हें 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी के समय वह हरियाणा सरकार में स्कूल शिक्षा एवं कृषि विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव रह चुके थे। उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा।

सीबीआई के अनुसार, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के बैंक खाते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा में वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर खोले गए थे। जांच में सामने आया कि इन खातों में निर्धारित सीमा से अधिक सरकारी धन स्थानांतरित किया गया। ये खाते पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे।

सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया

जांच एजेंसी का कहना है कि इन खातों के माध्यम से फर्जी लेनदेन कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकार को 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सीबीआई ने दावा किया है कि जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के अनुरोध पर यह मामला राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से सीबीआई को सौंपा गया था।

एचएसएसपीपी और एचएसएएमबी में करीब 60.54 करोड़ रुपये के गबन का यह मामला सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में हुए बड़े घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये कथित रूप से फर्जी कंपनियों और शेल इकाइयों के माध्यम से हड़प लिए गए थे।

17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

सीबीआई अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोक सेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।

इसी मामले में पहले गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आर.के. सिंह, जिन पर नगर निगम पंचकूला से जुड़े धन के दुरुपयोग का आरोप है, पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं