बालीचौकी BDO पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, मामला मुख्यमंत्री दरबार पहुंचा
Allegations of Financial Irregularities
हिमाचल प्रदेश के सराज विधानसभा क्षेत्र के बालीचौकी विकास खंड में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य संत राम ने शिमला में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) भवनेश चड्ढा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
शिकायत पत्र में बीडीओ पर पद के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन की कथित बर्बादी तथा नियमों की अनदेखी कर मनमाने फैसले लेने के आरोप लगाए गए हैं। संत राम ने मांग की है कि मामले की समयबद्ध जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बीडीओ ने अपना निवास बालीचौकी मुख्यालय के बजाय लगभग 33 किलोमीटर दूर कलैहली में रखा हुआ है। शिकायतकर्ता के अनुसार इससे सरकारी वाहन का अत्यधिक उपयोग हो रहा है और ईंधन व सरकारी धन की अनावश्यक बर्बादी हो रही है।
वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में कहा गया है कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी कर एक निजी फर्म से लगभग 50 हजार रुपये प्रति यार्ड की दर से बड़ी संख्या में सैग्रीगेशन यार्ड खरीदे गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित फर्म का संबंध विकास खंड के एक ग्राम रोजगार सेवक से है, जिससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा होती है। आरोप यह भी है कि इन यार्डों पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद अधिकांश पंचायतों में उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
शिकायत में पंचायतों की करोड़ों रुपये की धनराशि को स्थानीय ग्रामीण एवं सहकारी बैंकों से स्थानांतरित कर कुल्लू जिले के भुंतर स्थित एक निजी बैंक में जमा कराने के निर्णय पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा हरियाली परियोजना के तहत सामग्री खरीद में नियमों के उल्लंघन तथा मनरेगा श्रमिकों को रोजगार से वंचित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
वहीं, बीडीओ Bhawnesh Chaddha ने सभी आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया है। उनका कहना है कि विकास खंड में सभी कार्य सरकारी नियमों और पारदर्शी प्रक्रियाओं के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता स्वयं पहले पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर चुके हैं और अब अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए झूठी शिकायतें कर रहे हैं।
भवनेश चड्ढा ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर जांच होती है तो विभाग पूरा सहयोग करेगा और सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि उनकी छवि धूमिल करने और मनगढ़ंत आरोप लगाने के मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।