'अग्निपथ योजना' पर अब प्राइवेट सेक्टर का बड़ा कदम: महिंद्रा ग्रुप का ऐलान, 4 साल की नौकरी के बाद रिटायर्ड अग्निवीरों के लिए लिया यह फैसला
Mahindra Group on Agnipath Scheme

Mahindra Group on Agnipath Scheme

'अग्निपथ योजना' पर अब प्राइवेट सेक्टर का बड़ा कदम: महिंद्रा ग्रुप का ऐलान, 4 साल की नौकरी के बाद रिटायर्ड अग्निवीरों के लिए लिया यह फैसला

Mahindra Group on Agnipath Scheme : एक तरफ जहां 'अग्निपथ योजना' (Agnipath Scheme Recruitments) पर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है और आज 'भारत बंद' का आह्वान किया गया है तो वहीं दूसरी तरफ इस योजना को लेकर प्राइवेट सेक्टर (Private Job Sector) का एक बड़ा कदम सामने आया है|

दरअसल, देश के कारपोरेट क्षेत्र के एक बड़े ग्रुप महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) ने एक बड़ा ऐलान किया है| महिंद्रा ग्रुप ने यह फैसला लिया है कि वह 4 साल की नौकरी के बाद रिटायर्ड अग्निवीरों को अपने यहां नौकरी पर रखेगा| बतादें कि, इस फैसले की जानकारी खुद महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने ट्वीट करके दी है|

रिटायर्ड अग्निवीरों को महिंद्रा ग्रुप में नौकरी- आनंद महिंद्रा

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोमवार सुबह ट्वीट करते हुए लिखा- ''अग्निपथ योजना के ऐलान के बाद देश में हो रही हिंसा से बहुत दुखी और निराश हूं.जब पिछले साल इस योजना पर विचार किया गया था, तो मैंने कहा था और मैं फिर दोहराता हूं कि इस योजना के तहत हासिल किया गया अनुशासन और कौशल युवाओं को प्रमुख रूप से रोजगार योग्य बना देगा. इसके साथ ही ऐसे प्रशिक्षित और सक्षम युवाओं की भर्ती के अवसर का महिंद्रा ग्रुप स्वागत करता है. आनंद महिंद्रा ने कहा कि कारपोरेट क्षेत्र में रिटायर्ड अग्निवीरों को रोजगार की अपार संभावनाएं मिलेंगी''.

Mahindra Group on Agnipath Scheme
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युवाओं का विरोध किस कदर....

आपको बतादें कि, सेना में भर्ती के लिए 'अग्निपथ योजना' को लेकर पूरे देश के युवाओं में विरोध की लहर इसकदर दौड़ी हुई है कि वह सड़क पर उतरकर आगजनी-तोड़फोड़ और पत्थरबाजी कर रहे हैं| युवाओं का कहना है कि सरकार 'अग्निपथ योजना' को वापिस ले| इसके तहत सेना में मिलने वाली 4 साल की नौकरी उन्हें नहीं चाहिए|

चार साल की नौकरी के बाद 25% को रेगुलर नौकरी...

यह बात ठीक है कि इस योजना के तहत चार साल की नौकरी का प्रावधान है| लेकिन चार साल की नौकरी के बाद सेनाओं में जरुरत के अनुसार 25% प्रतिभाशाली जवानों को रेगुलर भर्ती कर लिया जाएगा| बाकि जो 75% रिटायर होंगे उनके लिए अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने और छूट संबंधी फैसले लिए जा रहे हैं|