यूपी में 'स्पीड जस्टिस' का नया रिकॉर्ड: राजस्व मामलों में लखनऊ का दबदबा, जौनपुर ने फिर गाड़ा झंडा
Lucknow dominates revenue matters
लखनऊ। Lucknow dominates revenue matters, प्रदेश में राजस्व मामलों के सबसे अधिक निस्तारण के मामले में लखनऊ ने बाजी मारी है। लखनऊ ने सबसे अधिक कुल 15,981 मामले निस्तारित किए हैं।
राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने अव्वल रहा है। पिछले 15 माह से जौनपुर जिला सर्वश्रेष्ठ पांच जिलों में बना हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है।
इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में पूरे प्रदेश में कुल 3,34,538 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया।
लखनऊ के बाद प्रयागराज में कुल 14,132 मामलों को निस्तारित कर प्रदेश में दूसरे व आजमगढ़ 9,333 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जौनपुर ने 8,912 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8,378 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 542 मामलों का निस्तारण किया है। इसका अनुपात 216.80 प्रतिशत है।
इसी के साथ जनपदीय न्यायालय में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि मानक 300 के सापेक्ष 381 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर बस्ती और 353 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर प्रतापगढ़ रहा है।
जौनपुर का भी शानदार प्रदर्शन
इसी तरह फरवरी में जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 86 मामलों का निस्तारण कर 286.67 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो प्रदेश भर में सबसे अधिक है और जौनपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है।
भदोही के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 69 मामले निस्तारित किए गए। वहीं, बिजनौर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 46 मामले निस्तारित किए गये। जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किए गये मामलों में भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर है।