Lucknow Constable Releases

लखनऊ के कांस्टेबल ने जारी किया तीसरा वीडियो, पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार की जांच की मांग

pp

Lucknow Constable Releases

Lucknow Police Commissionerate में तैनात कांस्टेबल Sunil Kumar Shukla ने विभागीय अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तीसरा वीडियो जारी किया है। उन्होंने पुलिस विभाग में कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने उनके आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।

रविवार को जारी वीडियो में Sunil Kumar Shukla ने Yogi Adityanath से न्याय की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पहले वीडियो वायरल होने के बाद देर रात पुलिसकर्मियों को उनके घर भेजा गया और परिवार को परेशान किया गया।

कांस्टेबल ने विभागीय अधिकारियों पर “काले अंग्रेजों” जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ अपराधियों या नक्सलियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें Bhagat Singh से प्रेरणा मिलती है और उन्हें मानसिक रूप से तोड़ा नहीं जा सकता।

उन्होंने दावा किया कि उनकी आवाज दबाने के केवल दो तरीके हैं—या तो उनकी हत्या कर दी जाए या फिर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, शोषण और अनियमितताओं को खत्म करने के लिए होमगार्ड विभाग की तर्ज पर विशेष समिति गठित की जाए।

विवाद उस समय शुरू हुआ था जब Sunil Kumar Shukla का पहला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि आयुक्तालय में तैनाती पाने के लिए कांस्टेबलों और हेड कांस्टेबलों से हर महीने करीब 2,000 रुपये लिए जाते हैं और यह राशि वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती है।

वर्ष 2015 बैच के कांस्टेबल शुक्ला University of Allahabad से विज्ञान स्नातक हैं और फिलहाल लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात हैं। वह वर्तमान में अर्जित अवकाश पर चल रहे हैं।

वहीं, Lucknow Police Commissionerate ने बयान जारी कर शुक्ला के परिवार पर किसी भी तरह की छापेमारी या दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह झूठे और निराधार हैं।