लखनऊ: विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना का कहना – सदन ने बदली नकारात्मक धारणा, गंभीर और सार्थक हुई कार्यवाही

लखनऊ: विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना का कहना – सदन ने बदली नकारात्मक धारणा, गंभीर और सार्थक हुई कार्यवाही

Lucknow: Assembly Speaker Satish Mahana says

Lucknow: Assembly Speaker Satish Mahana says

लखनऊ। विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बजट सत्र खत्म होने के बाद मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश की विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में बड़ा बदलाव आया है। एक समय था जब विधान सभा की कार्यवाही को लेकर लोगों के मन में नकारात्मक छवि बन गई थी, लेकिन अब सदन गंभीर और सार्थक चर्चाओं का केंद्र बन चुका है।

महाना ने कहा कि अब सदन में मुद्दों पर विस्तृत बहस होती है और पक्ष-विपक्ष दोनों अपनी बात मजबूती से रखते हैं। विशेष मौकों पर सदन 24 से 36 घंटे तक लगातार चला है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का संकेत है।

उन्होंने बताया कि इस बार के बजट सत्र में भी सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू होकर तक रात नौ-नौ, 10-10 बजे तक चली है। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सदस्यों ने जनहित के मुद्दे उठाए और उन पर गंभीरता से चर्चा की।

साल में 90 दिन सदन न चल पाने के सवाल पर विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन का बिजनेस सरकार तय करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में विधान सभा की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इस बजट सत्र में विनियोग सहित कुल छह विधेयक पारित हुए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) विधेयक व उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।

विधान सभा में इस बार कुल 2427 प्रश्न प्राप्त हुए। स्वीकृत प्रश्नों की संख्या 1956 है। इनमें से 958 प्रश्नों के उत्तर सदस्यों को मिल गए हैं। इस बार विधान सभा 10 दिनों में कुल 75.08 घंटे चली जबकि 2.23 घंटे व्यवधान भी रहा है।