जालंधर में लोक मिलनी: सीएम भगवंत मान ने सुनी लोगों की समस्याएं, बोले—पारदर्शी शासन हमारी पहचान
- By Gaurav --
- Monday, 12 Jan, 2026
Lok Milani in Jalandhar: CM Bhagwant Mann listened to the problems of the
कड़ाके की ठंड के बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर में आयोजित लोक मिलनी के दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना। इस प्रत्यक्ष संवाद को पारदर्शी और जवाबदेह शासन की आधारशिला बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुफ्त बिजली, बड़े पैमाने पर रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा सुधारों जैसी निरंतर जन-हितैषी पहलों से आम परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार कम हो रहा है और पंजाब देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी स्थिति पुनः प्राप्त करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
जालंधर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोक मिलनियां शासन का नियमित हिस्सा होंगी, क्योंकि ये सरकार को जमीनी हकीकत समझने और जन शिकायतों का प्रभावी समाधान करने में मदद करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “इन लोक मिलनियों का मूल उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना है, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी। हमारी सरकार हर नागरिक को पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह शासन प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की प्रगति और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “हम पंजाब की पुरातन शान को बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। वह दिन दूर नहीं जब इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब एक बार फिर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।”
अपनी सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘रंगला पंजाब’ बनाने की व्यापक योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। उन्होंने कहा, “पिछले मुख्यमंत्री अपने महलों तक सीमित रहे, लेकिन मैं शांति, विकास और समृद्धि के नए युग की शुरुआत करने के लिए राज्य के हर कोने में जा रहा हूं। यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि विकास और खुशहाली को और गति मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक मिलनियों का मुख्य उद्देश्य लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करना और समग्र विकास के लिए रणनीति तैयार करना है। उन्होंने कहा, “इस कार्यक्रम का देश भर में कोई उदाहरण नहीं है। कोई अन्य राज्य सरकार लोगों की समस्याओं को उनके दरवाजे पर जाकर हल करने के लिए इतना समय नहीं निकालती। लोक मिलनियां न केवल जन समस्याओं के शीघ्र समाधान को सुनिश्चित करती हैं, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में भी सहायक होती हैं।”
इसे वर्तमान जरूरतों के अनुरूप एक जन-हितैषी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोक मिलनी नागरिकों को उनके दैनिक कार्यों को सरलता से पूरा करने में सहायता करती है और सुशासन को मजबूत करती है। उन्होंने कहा, “यह कार्यालयों के कामकाज को बेहतर बनाने में मददगार है और प्रशासन को जमीनी हकीकत की स्पष्ट समझ प्रदान करती है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों के दरवाजे तक पहुंचे। हम विकास को तेज करने और खुशहाली बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।”
प्रमुख जन-हितैषी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे परिवारों पर वित्तीय दबाव काफी हद तक कम हुआ है। उन्होंने कहा, “63,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।” उन्होंने बताया कि सरकार ने 17 टोल प्लाजा भी बंद कर दिए हैं, जिससे आम आदमी को टोल शुल्क में प्रतिदिन लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूरे पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना जल्द शुरू की जाएगी, जिसके तहत 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज संभव होगा। शिक्षा क्षेत्र में भी क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जो गरीब बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दियां दी जा रही हैं और लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी लड़की शिक्षा से वंचित न रहे। सशस्त्र बलों में भर्ती तथा नीट, जेईई, सीएलएटी और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग भी प्रदान की जा रही है।”
शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के 265 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स के लिए क्वालिफाई किया है, जबकि 44 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड और 848 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की है। उन्होंने आगे कहा, “शिक्षकों और प्रिंसिपलों को उनके शिक्षण कौशल को उन्नत करने के लिए विश्व प्रसिद्ध संस्थानों में भेजा गया है। हमारी सरकार द्वारा गठित सड़क सुरक्षा फोर्स को देश भर में और संसद में भी सराहना मिली है।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।