The season's most intense cold wave will wreak havoc, with

सीजन की सबसे तीव्र शीतलहर का दिखेगा कहर, मैदानी इलाकों में पारा माइन्स में गया, इन इलाको पर पड़ेगा असर

cold dense fogg

The season's most intense cold wave will wreak havoc, with

 कल से उत्तर भारत में ठंड एक नए और ज्यादा तीव्र दौर में प्रवेश करने जा रही है। अब तक जो घने कोहरे की परत हवा में जमी हुई थी, वह धीरे-धीरे छंट रही है। जैसे-जैसे आसमान साफ होगा, रात के समय ज़मीन की गर्मी बिना रुकावट बाहर निकलेगी।
इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में रेडिएशन कूलिंग कहा जाता है, और यही वजह है कि ठंड अचानक बेहद तेज़ हो जाएगी।

इसका सीधा असर यह होगा कि रातें ज्यादा सर्द होंगी और पाले की ज़ोरदार वापसी होगी। सुबह के समय खेतों, घास और खुले इलाकों में सफेद चादर जैसी परत दिखाई देना पूरी तरह संभव है।


किन इलाकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

इस ठंडी लहर की सीधी जद में रहेंगे—
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दक्षिण-पश्चिमी बेल्ट।
इन इलाकों में उत्तर-पश्चिम से आने वाली ठंडी और सूखी हवाएं हावी रहेंगी। नमी कम होने के कारण ठंड और ज्यादा चुभने वाली महसूस होगी, क्योंकि सूखी हवा शरीर और ज़मीन दोनों से तेजी से गर्मी खींच लेती है।

दिन में हल्की धूप जरूर निकलेगी, लेकिन उसमें ठंड तोड़ने की ताकत नहीं होगी। शाम ढलते ही तापमान तेजी से गिरेगा और आधी रात तक सर्दी अपने चरम पर पहुंच जाएगी।


अगले 6 दिन: न्यूनतम तापमान का अनुमान

  • पंजाब: -1°C से 6°C

  • हरियाणा: -2°C से 7°C

  • दिल्ली: 1°C से 8°C

  • पश्चिमी यूपी: 0°C से 8°C

  • बुंदेलखंड: 3°C से 7°C

  • पूर्वी यूपी: 4°C से 9°C

  • उत्तर राजस्थान: -3°C से 5°C

  • दक्षिण राजस्थान: 0°C से 10°C

  • उत्तर मध्य प्रदेश: 0°C से 8°C

  • दक्षिण मध्य प्रदेश: 3°C से 12°C

उत्तर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में तापमान 0 डिग्री से नीचे चला जाएगा। राजस्थान के शेखावाटी और थार क्षेत्र में कुछ जगहों पर पारा -4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।


पाले का सबसे बड़ा खतरा

पाले का खतरा उन इलाकों में सबसे ज्यादा रहेगा—
जहां ज़मीन खुली होती है, हवा रुक जाती है और ठंडी हवा नीचे बैठ जाती है।
ऐसे हालात में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।


कोहरे की स्थिति

अब कोहरे का फैलाव सीमित रहेगा।
घना कोहरा मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तराई पट्टी और कुछ अंदरूनी मैदानी इलाकों में रहेगा।
बाकी उत्तर भारत में सुबहें काफी हद तक साफ होंगी, जिससे दिन में विज़िबिलिटी बेहतर रहेगी।


18 जनवरी के बाद बदलेगा मौसम

अगले 4–5 दिनों तक कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ नहीं आएगा, जिससे ठंड लगातार गहराती रहेगी।
हालांकि 18 जनवरी के आसपास पश्चिमी विक्षोभों की एक नई श्रृंखला सक्रिय होगी।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने पर बादल बढ़ेंगे, कोहरे की वापसी होगी और
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश देखने को मिलेगी।

बारिश के बाद एक और भीषण ठंड की लहर उत्तर भारत की ओर बढ़ सकती है।


निष्कर्ष:
उत्तर भारत इस समय सर्दी के सबसे कठोर और सन्नाटे भरे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां
हर सुबह पिछली सुबह से ज्यादा ठंडी महसूस होगी।