Know about Sarla Chaudhary who is the voice of Indian Railway announcement Yatrigan Kripya Dhyan De

'यात्रीगण कृपया ध्यान दें', एक आवाज़ जो 1982 से बनी भारतीय रेलवे की पहचान, क्या आप जानते है इस आवाज़ पीछे का चेहरा? आइए जानते इस लेख में  

Know about Sarla Chaudhary who is the voice of Indian Railway announcement Yatrigan Kripya Dhyan De

Know about Sarla Chaudhary who is the voice of Indian Railway announcement Yatrigan Kripya Dhyan De

Web Story: हज़ारों लोग रोज़ाना अपना सफर रेल से तेह करते है और भारतीय रेलवे की सुविधाओं का लाभ उठाते भी है। मुसाफिर दिन से रात तक रेलवे स्टेशन पर अपनी गाड़ियों का इंतज़ार करते है और अपनी ट्रेनकी अनाउंसमेंट से अपनी ट्रेन को पकड़ते है। यात्रिओं के लिए उनके रेल के सफर के समय से लेकर अगर किसी का कुछ खो गया है ये भी भारतीय रेलवे द्वारा अनाउंस किया जाता है। जरूरत है ये जानने की रेलवे में ये अनाउंसमेंट कैसे की जाती है और कौन है जो लगातार अनाउंस करता है। तो अपने एक आवाज़ तो लगातार सुनी ही होगी जब-जब आप रेलवे स्टेशन पर गए होंगे। ‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें…’ ये आवाज़ 1982 से चलती आई है। ये शब्द जब भी हमारे ज़ेहन में आते हैं तो हम यही सोचतें है की यह अधिकांश काम कंप्यूटर से ही किया जाता है, लेकिन कुछ साल पहले तक ऐसा नहीं था। इस आवाज के पीछे एक इंसान ही हैं, जिनका नाम है सरला चौधरी (Sarla Chaudhary) जिसके बारे हम आपको बताएंगे। 

भारतीय रेलवे की पहली महिला  
भारतीय रेलवे में सरला चौधरी पहली महिला अनाउंसर बानी थी। दरअसल, उनके पिता भी रेलवे के कर्मचारी थे और सरला बताती हैं कि एक बार उनके पिता ने कहा है कि रेलवे स्टाफ के बच्चों को 3 महीने के लिए अनाउंसमेंट विभाग में भर्ती कर रहे हैं। 1982 में मध्य रेलवे में उद्घोषक के पद के लिए सरला चौधरी सहित सैकड़ों उम्मीदवार उपस्थित हुए। इसके बाद सरला को इस पद के लिए चुना गया। हालांकि, वह एक अस्थायी कर्मचारी के रूप में शामिल हुईं। जब रेलवे ने देखा कि सरला की आवाज लोगों का ध्यान खींचने में प्रभावी है और यात्रियों ने वास्तव में घोषणा पर ध्यान देना शुरू कर दिया, तो डिपार्टमेंट ने उसे स्थायी कर दिया। सरला चौधरी भी वॉइस टेस्ट के लिए गईं और उनका चयन हो गया। इसके बाद सरला ने बताया कि कि 13 जुलाई 1982 को उन्होंने अनाउंसर के तौर पर नौकरी शुरू की थी। वह कहती हैं कि जून 1991 में उनके स्टेशन पर कंप्यूटर आया जिसमें उनकी आवाज फीड की गई। अब इस अनाउंसमेंट के शेड्यूल भी किया जाने लगा। सरला कभी-कभी खुद भी अपनी ट्रेन का इंतजार करते हुए खुद की आवाज में अनाउंसमेंट सुनती थीं। 

क्या आप जानते हैं 28 वर्षों से रेलवे स्टेशनों पर गूंज रही 'यात्रीगण कृपया  ध्यान दें…' किसकी आवाज़ है ?

2015 में कंप्यूटर ने किया टेकओवर
2015
में अनाउंसमेंट्स को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित कर दिया गया। हालांकि, अब भी देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सरला चौधरी की आवाज का इस्तेमाल किया जाता है। उनकी आवाज में ही अलग-अलग स्टेशन, ट्रेन या प्लेटफॉर्म के नाम अलग से जोड़े जाते हैं।

क्या आप जानते हैं 28 वर्षों से रेलवे स्टेशनों पर गूंज रही 'यात्रीगण कृपया  ध्यान दें…' किसकी आवाज़ है ?

केवल 3 महीने के लिए हुईं थी भर्ती
सरला चौधरी सेंट्रल रेलवे में अनाउंसर के तौर पर भर्ती हुईं थी। उन्हें कई भाषाओं में अनाउंसमेंट रिकॉर्ड करनी पड़ती थी। उनकी जॉब केवल 3 महीने की ही थी। हालांकि, सरला चौधरी के अनुसार, उनके काम को इतना पसंद किया गया कि उन्हें 3 महीने के बाद भी नौकरी से बाहर नहीं किया गया। सरला चौधरी अब भी भारतीय रेलवे की कर्मचारी हैं लेकिन अब वह अनाउंसमेंट नहीं करती हैं।