राज्यसभा चुनाव पर झामुमो का बड़ा दावा, सुप्रियो भट्टाचार्य बोले- क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान हो चुकी

राज्यसभा चुनाव पर झामुमो का बड़ा दावा, सुप्रियो भट्टाचार्य बोले- क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान हो चुकी

JMM makes a bold claim regarding the Rajya Sabha elections

JMM makes a bold claim regarding the Rajya Sabha elections

रांची। JMM makes a bold claim regarding the Rajya Sabha elections, झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में कुल 81 विधायकों में 50 विधायक कांग्रेस और झामुमो के प्रत्याशियों को वोट दिया। इनमें झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को 30 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 20 वोट मिले। इसलिए इन 50 विधायकों के नेता हेमंत सोरेन और राहुल गांधी हैं।

बाकी जिन 28 विधायकों के वोट भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी को मिले, उनके नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हैं। जीत के बाद नथवाणी ने भी इन तीन नेताओं का नाम लेते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया था।

राजद और लेफ्ट को संदेश?

सोमवार को हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में सुप्रियो ने झामुमो और कांग्रेस के प्रत्याशियों को वोट देने वाले विधायकों के नेता के रूप में न तो लालू यादव का नाम लिया और न ही तेजस्वी यादव का।

उन्होंने भाकपा माले के भी किसी नेता का नाम नहीं लिया। ऐसे में कयास लगाया गया कि झामुमो भी मानकर चल रहा है कि इन दोनों दलों के विधायकों ने कांग्रेस प्रत्याशी को वोट नहीं दिए।

उन्होंने कहा कि जिन तीन विधायकों के वोट रद हुए उनके नेता विचारहीन हैं। उन्होंने बहुत जल्द ही राज्यसभा चुनाव परिणाम की समीक्षा की बात कही। उन्होंने इशारों में ही स्पष्ट किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के उन विधायकों की पहचान हो गई है, जिन्होंने परिमल नथवाणी को वोट किया था।

नीट परीक्षा में वायु सेना के उपयाेग पर उठाए सवाल

झामुमो महासचिव ने नीट यूजी परीक्षा में वायु सेना के उपयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र को अन्य परीक्षाओं में ईडी, सीबीआइ और एनआइए को भी लगा देना चाहिए।

कहा कि अमूमन सेना का इस्तेमाल किसी प्रकार के राष्ट्रीय आपदा में होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी एक परीक्षा आयोजित नहीं कर सकती तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि परीक्षा लेने में विफल रहे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धमेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए था।

उन्होंने सवाल उठाया कि पूरे देश में 17 से अधिक छात्रों द्वारा आत्महत्या करने के लिए जिम्मेदार कौन है। केंद्र सरकार देश के लोगों के धार्मिक, सांस्कृतिक, लोकतांत्रिक एवं संस्थागत आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। देश में शिक्षा व्यवस्था कारपोरेट के हाथों में चल गई है। अब लोग केवल पैसे के बल पर ही डॉक्टर बन सकते हैं।