झारखंड में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की तैयारी तेज, प्रतियोगी परीक्षा के साथ मिलेगा अनुभव का लाभ

Preparations to regularize contractual employees in Jharkhand

Preparations to regularize contractual employees in Jharkhand

 रांची। Preparations to regularize contractual employees in Jharkhand, कार्मिक विभाग ने संविदा कर्मियों को नियमित करने को लेकर फार्मूला तैयार कर लिया है। तय फार्मूले पर वित्त विभाग से परामर्श मांगा गया है।

फार्मूला के अनुसार, कर्मियों को नियमित होने के लिए प्रतियोगिता परीक्षा देनी होगी। इसमें प्राप्त अंकों के साथ उनके अनुभव के आधार पर वेटेज भी मिलेगा। यह वेटेज 0.15 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक होगा।

इस प्रकार अब राज्य सरकार के कार्यालयों में संविदा के साथ-साथ, दैनिक वेतनभोगी, एकमुश्त पारिश्रमिक तथा आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण का रास्ता खुलता दिख रहा है।

इससे सचिवालय, क्षेत्रीय कार्यालय तथा विभिन्न बोर्ड-निगमों एवं अन्य कार्यालयों में कार्यरत ऐसे हजारों कर्मियों के लिए परीक्षा उत्तीर्ण करना थोड़ा आसान हो जाएगा। सरकार इन्हें प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने पर प्राप्तांक में 0.15 फीसदी से 15 फीसदी तक का अतिरिक्त वेटेज देगी।

कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर सहमति के लिए विधि और वित्त विभाग को भेजा है। प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त मार्क्स के वेटेज का लाभ, उन्हीं कर्मियों को मिलेगा जो तीन साल से अधिक अवधि से कार्यरत हैं।

इस प्रकार मिलेगा वेटेज

  • 36 माह के अनुभव पर 0.15 प्रतिशत वेटेज
  • 37 से 40 माह तक के अनुभव 0.60 प्रतिशत
  • 60 माह से ऊपर होने पर 3.60 प्रतिशत वेटेज
  • 120 माह के ऊपर और 136 माह तक 15 प्रतिशत का वेटेज मिलेगा

मनरेगा कर्मियों की हड़ताल समाप्त

झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ द्वारा पिछले 12 मार्च 2026 से अपनी लंबित मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल 19 जून को समाप्त कर दी गई। विभाग की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद सदस्यों ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए तत्काल प्रभाव से हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।

संघ के रामगढ़ जिला सचिव कुमार विवेक नें बताया कि यह निर्णय राज्य मानरेगा कर्मचारी संघ के साथ ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, आयुक्त मनरेगा एवं संघ प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद लिया गया।

वार्ता में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों को ग्रेड पे में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने, दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को नियुक्ति में प्राथमिकता देने तथा मनरेगा कर्मियों को मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ने पर सहमति बनी। इसके बाद संघ ने हड़ताल समाप्त कर सभी कर्मियों को कार्य पर लौटने का निर्देश दिया है।