Jaundice Outbreak Intensifies in Gohar: Over 147 Cases Reported,

गोहर में पीलिया का बढ़ता प्रकोप: 147 से अधिक मामले, एक की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने दी सावधानी बरतने की सलाह

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Jaundice Outbreak Intensifies in Gohar: Over 147 Cases Reported,

गोहर 18 फरवरी (सुभाग सचदेवा)-:-गोहर में पीलिया का प्रभाव पीलिया का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है यह रुकने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार भी आदर्श नागरिक स्वास्थ्य केंद्र में  10 नए पीलिया प्रभावित केस आए हैं। जिससे आदर्श नागरिक स्वास्थ्य केंद्र गोहर में पीलिया मरीजों की संख्या 147 के पार हो गई है, मगर राहत की बात यह है कि इसमें 100 पीलिया प्रभावित काफी हद तक ठीक हो चुके हैं जबकि दुर्भाग्यवश एक पीलिया प्रभावित की मौत हुई है । 47 मरीज अभी भी पीलिया से जूझ रहे हैं। जिसमें दो लोग आदर्श नागरिक स्वास्थ्य केंद्र गोहर में उपचाराधीन है जबकि 45 लोगों का घर से ही इलाज चल रहा है।खंड चिकित्सा अधिकारी बगस्याड डॉ राकेश भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया है कि पीलिया का प्रभाव अभी लगभग 3 से 4 महीने तक और इस क्षेत्र में रहेगा। पीलिया का पता ही लगभग 1 महीने बाद लगता है। कोई इस वायरस से प्रभावित होता है तो उसका लगभग 4 हफ्तों बाद उस व्यक्ति में पीलिया के लक्षण नजर आते हैं तो ऐसे में हमें अपने आप को हर स्थिति से निपटे के लिए तैयार रखना होगा। क्योंकि पीलिया का प्रभाव अभी 3-4 महीने तक तक और इस क्षेत्र में दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि हमें पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है अगर पीलिया से प्रभावित मरीज को किसी प्रकार का बुखार उल्टी शरीर से खून आना या नील पडना भूख ना लगा ऐसे लक्षण नजर आए तो घर में ना रहे उन्हें तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपना इलाज शुरू करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीलिया से बचाव के लिए झोलाछाप डॉक्टरों से भी दूरी बना के रखें। डॉक्टर राकेश भारद्वाज ने कहा कि पीलिया प्रभावित को किसी प्रकार की भी दूध से बनी हुई चीज दूध दही पनीर मक्खन खोआ खीर घी आदि चीजों का प्रयोग ना करें और किसी प्रकार का भी लिवर टॉनिक न लें यह ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है । पीलिया प्रभावित मरीज को जूस फ्रूट दालें और सब्जियां खानी चाहिए और बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवाई ना लें । लगातार बढ़ रहे पीलिया के प्रभाव को रोकने के लिए आज सबसे बड़ी जरूरत है पानी को उबाल के पीने की बेशक जल शक्ति विभाग ने अपने स्टोरेज टैंकों में क्लोरिनेशन की है मगर क्लोरिनेशन से पीलिया के प्रभाव को काम किया जा सकता है खत्म नहीं किया जा सकता। पीलिया का प्रभाव पानी को उबाल की ही खत्म किया जा सकता है इसलिए हम सभी को ऐतिहात के तौर पर पानी को उबालकर ही पीना चाहिए यही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि हमें पैनिक नहीं होना । आज भी पीलिया के 40 केसे एक्टिव हैं और इसका प्रभाव आने वाले दो-तीन महीने तक हमें देखने को मिलेगा मगर जो लक्षण बताए गए हैं यदि किसी को वैसे लक्षण दिखते हैं तो बिना देर किए अस्पताल में भर्ती हो और चिकित्सकों के अनुसार ही अपना इलाज करें अपनी मर्जी से कोई भी लिवर टॉनिक या कोई भी दवाई ना लें यह नुकसानदायक हो सकती है ।