इजरायल के PM नेतन्याहू की मौत अफवाह; इधर ईरान बोला- अगर बच्चों का हत्यारा नेतन्याहू जिंदा तो पूरी ताकत से पीछा करेंगे और मारेंगे
Israeli PM Netanyahu Death Rumors IRGC Warning Breaking News
Israeli PM Netanyahu Death: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग आज 16वें दिन में पहुंच गई है। जहां बढ़ते दिनों के साथ जंग की आग और तेज होती जा रही है। इस बीच जंग में इजरायल के PM नेतन्याहू की मौत की खबर भी तेजी से फैली है। यह खबर आते ही गूगल से लेकर सोशल मीडिया तक नेतन्याहू को सर्च किया जाने लगा। हालांकि PM नेतन्याहू की मौत अफवाह निकली। जिसकी पुष्टि इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय से की गई।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की मौत को साफ तौर से खारिज करते हुए कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह से झूठी और भ्रामक हैं। इजरायली प्रधानमंत्री पूरी तरह सुरक्षित और ठीक हैं। साथ ही सामान्य रूप से अपने काम में लगे हुए हैं। दरअसल, 13 मार्च को आखिरी बार नेतन्याहू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते दिखाई दे रहे थे। इसके बाद से नेतन्याहू की मौत को लेकर दावा किया जाने लगा और कहा गया कि ईरान ने मिसाइल हमले में नेतन्याहू को मार दिया है।
नेतन्याहू की यह तस्वीर वायरल (AI-जनरेटेड बताई गई)

ईरान बोला- अगर जिंदा तो पूरी ताकत से पीछा करेंगे और मारेंगे
इधर ईरान ने नेतन्याहू को 'बच्चों का हत्यारा' बताते हुए पीछा कर मारने की धमकी दी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि अगर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जिंदा हैं तो उन्हें ढूंढकर मारेंगे। अल जजीरा के मुताबिक, IRGC ने कहा, “मासूम बच्चों का हत्यारा नेतन्याहू अगर जीवित है, तो पूरी ताकत से उसका पीछा करेंगे और उसे मार डालेंगे।” मतलब IRGC ने नेतन्याहू का 'पीछा करके उन्हें मार डालने' की क़सम खा ली है.
ईरान बोला- सुप्रीम लीडर मोजतबा पूरी तरह ठीक
पिछले कुछ दिनों से कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ठीक नहीं हैं। किसी रिपोर्ट में कहा जा रहा कि मोजतबा कोमा में हैं तो किसी रिपोर्ट में कहा गया कि वह अमेरिका-इजरायल हमलों में बुरी तरह से घायल हैं और उनका एक पैर काटना पड़ा है। हाल ही में अमेरिका के रक्षा मंत्री ने भी कहा था कि ईरान के कथित नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति ठीक नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा था कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर को सरेंडर कर देना चाहिए। हालांकि ईरान की तरफ से इन सभी रिपोर्ट्स और दावों को खारिज कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि देश के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं.
ईरान ने कहा- गलती मानने तक नहीं छोड़ेंगे
हाल ही में ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी थी और कहा था कि युद्ध शुरू करना आसान है। कुछ बयानों से युद्ध खत्म नहीं हो सकता। ट्रंप को गलती मानने तक नहीं छोड़ेंगे. लारिजानी ने कहा था कि ट्रंप को इसकी कीमत चुकानी होगी। वहीं ईरान पहले से ही यह कहता रहा है कि जंग लड़ना उसकी मजबूरी है। जंग उसने शुरू नहीं की बल्कि उसके देश पर जंग थोपी गई। इसलिए अब अमेरिका नहीं, बल्कि ईरान तय करेगा कि जंग कब खत्म करना है और जंग ऐसे खत्म नहीं होगी, इसके लिए अमेरिका से ईरान में हुए नुकसान का हिसाब पूरा किया जाएगा।
जंग थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे
फिलहाल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच 'ईरान और अमेरिका-इजरायल' जंग के अभी इतनी जल्दी थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। एक तरफ जहां ईरान को झुकाने के लिए 'अमेरिका-इजरायल' की तरफ से हमले तेज हो रखे हैं तो वहीं ईरान ने भी अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाने के लिए अपने हमले तेज कर दिए हैं। ईरान इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है। इसके साथ ही वह अन्य ढांचों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को भी निशाना बना रहा है।
माना जा रहा है कि ईरान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि दुनिया में आर्थिक दबाव बढ़े और अमेरिका-इजराइल अपने हमले रोकने के लिए मजबूर हो जाएं। बता दें कि जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। साथ ही गैस आपूर्ती भी प्रभावित हो रही है। कुलमिलाकर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट गहरा रहा है। जिससे भारत भी अछूता नहीं है। भारत में भी तेल-गैस आपूर्ती को मिडिल ईस्ट जंग ने प्रभावित किया है।
जंग में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों की मौत
28 फरवरी से शुरू हुए ईरान और 'अमेरिका-इजरायल' जंग में अब तक 2000 से ज्यादा लोगों (आम लोग और सैनिक) की मौत हो चुकी है और करीब 5000 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ-साथ कई ईरानी शीर्ष कमांडर और नेता भी मारे गए हैं। साथ ही इस संघर्ष में ईरान में बड़ी संख्या में घर और बुनियादी सार्वजनिक ढांचे भी नष्ट हुए हैं। इस जंग में अमेरिका के भी 13 सैनिक मारे जा चुके हैं, जबकि लगभग 140-150 अमेरिकी सैनिक घायल हैं, जिनमें से कई गंभीर हैं। वहीं इरानी हमलों में इजरायल के अलावा यूएई, बहरीन, क़तर, कुवैत जैसे खाड़ी देशों का भी व्यापक नुकसान हुआ है.