ईरान के ऊपर अब तक का सबसे शक्तिशाली हमला; ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने खर्ग द्वीप को किया तबाह, यहां से 90% तेल निर्यात
US Most Powerful Bombing Attack On Iran Kharg Island Breaking News
US Big Attack On Iran: अमेरिका-इजरायल और ईरान की भीषण जंग आज 15वें दिन में पहुंच गई है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के ऊपर अब तक का सबसे शक्तिशाली और खतरनाक हमला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर ताबड़तोड़ बम बरसाए हैं। जिससे ख़र्ग द्वीप को बहुत भारी नुकसान पहुंचा है और वहां तबाही का मंजर देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से ईरान के खर्ग द्वीप पर बमबारी का वीडियो भी जारी किया है।
खर्ग द्वीप (हमले से पहले की तस्वीर)

खर्ग द्वीप ईरान का सबसे अहम और कीमती ठिकाना
खर्ग द्वीप रणनीतिक और आर्थिक रूप से ईरान का सबसे अहम और कीमती ठिकाना है। फारस की खाड़ी के पास स्थित खर्ग द्वीप ईरान के कच्चे तेल का मुख्य एक्सपोर्ट हब है। रिपोर्ट्स के मुताबिक खर्ग से ईरान का लगभग 90% तेल शिपमेंट होता है यानि लगभग 90% कच्चा तेल यहां से निर्यात किया जाता है। इसलिए इसे ईरान की 'कमजोर नस' भी कहते हैं, जिस पर अमेरिका ने हमला किया है। हालांकि इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने खर्ग द्वीप पर जानबूझकर ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने से परहेज किया है और सिर्फ सैन्य ठिकानों को खत्म किया गया है।
मिडिल ईस्ट के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी
राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 मार्च सुबह 4:26AM पर अपने सोशल मीडिया हैंडल ट्रुथ पर एक पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, ''कुछ देर पहले, मेरे कहने पर, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने मिडिल ईस्ट के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी की और ईरान के सबसे कीमती और अहम खर्ग द्वीप पर मौजूद हर मिलिट्री टारगेट को पूरी तरह से खत्म और तबाह कर दिया। हमारे हथियार दुनिया के अब तक के सबसे ताकतवर और एडवांस्ड हैं, लेकिन शराफ़त के लिए, मैंने आइलैंड पर ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि, अगर ईरान, या कोई और, होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के फ्री और सेफ रास्ते में कोई दखल देता है, तो मैं तुरंत इस फैसले पर दोबारा सोचूंगा।''
ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे
ट्रंप ने पोस्ट में आगे लिखा, ''ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे, और न ही उसके पास अमेरिका, मध्य पूर्व या पूरी दुनिया को धमकाने की क्षमता और ताकत होगी! ईरान की सेना और इस आतंकवादी शासन से जुड़े बाकी सभी लोगों के लिए यही समझदारी होगी कि वे अपने हथियार डाल दें और अपने देश का जो कुछ भी बचा है, उसे बचा लें- जो कि अब ज़्यादा नहीं बचा है!..."
अमेरिकी सेना दुनिया में सबसे खतरनाक
ट्रंप ने इसी पोस्ट में आगे लिखा, ''अपने पहले टर्म के दौरान, और अभी भी, मैंने अपनी मिलिट्री को दुनिया में अब तक की सबसे खतरनाक, ताकतवर और असरदार फोर्स बनाया है। इसलिए ईरान के पास किसी भी ऐसी चीज़ का बचाव करने की कोई ताकत नहीं है जिस पर हम हमला करना चाहते हों- वे इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकते!'' वहीं इसी के साथ ट्रंप ने एक और पोस्ट लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि ''ईरान पूरी तरह से हार चुका है और एक समझौता चाहता है, लेकिन ऐसा समझौता नहीं जिसे मैं स्वीकार करूँ।"

जंग में अब तक 1500 से ज्यादा लोगों की मौत
28 फरवरी से शुरू हुए ईरान और 'अमेरिका-इजरायल' जंग में अब तक 1500 से ज्यादा लोगों (आम लोग और सैनिक) की मौत हो चुकी है और करीब 2000 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ-साथ कई ईरानी शीर्ष कमांडर और नेता भी मारे गए हैं। साथ ही इस संघर्ष में ईरान में बड़ी संख्या में घर और बुनियादी सार्वजनिक ढांचे भी नष्ट हुए हैं। इस जंग में अमेरिका के भी 13 सैनिक मारे जा चुके हैं, जबकि लगभग 140-150 अमेरिकी सैनिक घायल हैं, जिनमें से कई गंभीर हैं। वहीं इरानी हमलों में इजरायल के अलावा यूएई, बहरीन, क़तर, कुवैत जैसे खाड़ी देशों का भी व्यापक नुकसान हुआ है.