अमेरिका और ईरान के बीच भीषण झड़प; होर्मुज स्ट्रेट के पास मिसाइलों से हमला, US मिलिट्री का दावा- उड़ा दिए ईरानी सैन्य ठिकाने
Iran vs US Attack near Hormuz Strait after Ceasefire
Iran vs US Attack: अमेरिका और ईरान के बीच लागू सीजफायर टिकता हुआ नहीं दिख रहा है। दरअसल युद्ध की गहमागहमी शांत होने के बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच भीषण झड़प हुई है। समंदर में होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के पास अमेरिका-ईरान ने एक-दूसरे पर ड्रोन्स और मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं. बता दें कि यह टकराव तब हुआ है जब अमेरिकी सेना (US Military) ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी की हुई है।
अमेरिकी सेना ने क्या दावा किया?
वहीं अमेरिका (US Central Command) का दावा है कि हमलों की शुरुवात ईरान की ओर से की गई। जिसके बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की और ईरान के सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया। जबकि तमाम रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान का कहना है कि अमेरिकी सेना ने सीजफायर तोड़ होर्मुज स्ट्रेट में उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाया और साथ ही समंदर से सटे तटीय शहरी इलाकों पर एयर स्ट्राइक की। ईरान ने कहा है कि बिना किसी हिचकिचाहट के इसका करारा जवाब दिया जाएगा।
अमेरिकी सेना ने कहा- हम तनाव नहीं बढ़ाना चाहते
ईरान और अमेरिका (Iran vs US) के बीच हुए इस टकराव को लेकर US सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक तौर से विस्तृत बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया, ''7 मई को, जब US नेवी के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रकर ओमान की खाड़ी की ओर जा रहे थे, तब US सेना ने ईरान के बिना किसी उकसावे के किए गए हमलों को रोका और अपनी आत्मरक्षा में जवाबी हमले किए।''
US Central Command ने आगे कहा, ''जब USS Truxtun (DDG 103), USS Rafael Peralta (DDG 115), और USS Mason (DDG 87) इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुज़र रहे थे, तब ईरानी सेना ने कई मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें लॉन्च कीं। लेकिन US की किसी भी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।''
बयान में आगे कहा गया, ''US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आने वाले खतरों को खत्म कर दिया और US सेना पर हमला करने के लिए ज़िम्मेदार ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, इनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटें, कमांड और कंट्रोल केंद्र, और खुफिया, निगरानी और टोही (ISR) नोड शामिल थे। जिन्हें नष्ट किया गया। इसके साथ ही US सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा है कि अमेरिका तनाव बढ़ाना नहीं चाहता लेकिन वह सुरक्षा और जवाब देने के लिए वह पूरी तरह से तैनात और तैयार है।''
.jpg)
अमेरिका-ईरान की झड़प पर ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका-ईरान की इस भीषण झड़प पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी बयान जारी किया है। ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर तोड़ने वाली बात से फिलहाल इनकार किया और कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है। लेकिन अगर बात नहीं बनेगी तो अमेरिका ईरान पर जोरदार हमले करेगा और सबक सिखाएगा। ट्रंप ने कहा, ''तीन विश्व-स्तरीय अमेरिकी डिस्ट्रॉयर (जंगी जहाज़) ईरानी गोलीबारी के बीच से, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से बहुत ही सफलतापूर्वक गुज़र गए। तीनों डिस्ट्रॉयर को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान हुआ।''
ट्रंप ने आगे कहा, ''उन्हें और उनकी कई छोटी नावों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया; इन नावों का इस्तेमाल उनकी पूरी तरह से पस्त हो चुकी नौसेना की जगह लेने के लिए किया जा रहा था। ये नावें बहुत ही तेज़ी से और कुशलता से समुद्र की गहराइयों में डूब गईं। हमारे डिस्ट्रॉयर पर मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें आसानी से मार गिराया गया। इसी तरह, ड्रोन भी आए, और हवा में ही जलकर खाक हो गए। वे बहुत ही खूबसूरती से समुद्र में जा गिरे, बिल्कुल वैसे ही, जैसे कोई तितली अपनी कब्र की ओर गिरती है!''
ट्रंप ने कहा, ''कोई भी सामान्य देश इन डिस्ट्रॉयर को गुज़रने देता, लेकिन ईरान कोई सामान्य देश नहीं है। उनका नेतृत्व पागलों के हाथों में है, और अगर उन्हें कभी परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का मौका मिला, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के ऐसा कर देंगे, लेकिन उन्हें यह मौका कभी नहीं मिलेगा। और, जिस तरह हमने आज उन्हें फिर से धूल चटाई है, उसी तरह भविष्य में भी हम उन्हें और भी ज़ोरदार और हिंसक तरीके से सबक सिखाएँगे, बशर्ते वे अपनी 'डील' पर जल्दी से दस्तखत न कर दें! हमारे तीनों डिस्ट्रॉयर, अपने शानदार क्रू (जहाज़ी दल) के साथ, अब हमारी नौसैनिक घेराबंदी में फिर से शामिल हो जाएँगे, जो सचमुच "स्टील की एक दीवार" है।''
.jpg)
'होर्मुज स्ट्रेट' क्या है और ये कितना अहम?
'होर्मुज स्ट्रेट' (Hormuz Strait) ईरान में एक समुद्री जल मार्ग है, जो पूरी तरह से ईरान के कंट्रोल में आता है। यहां से ईरान और फारस की खाड़ी से तेल-गैस की सप्लाई लेकर विभिन्न देशों के जहाज गुजरते हैं। पूरी दुनिया में तेल-गैस की सप्लाई को लेकर यह रास्ता एक बड़ा और अहम माध्यम है। जहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल सप्लाई होता है। ऐसे में जब 'होर्मुज स्ट्रेट' पर बंदिश लगा दी गई है तो इस बीच भारत समेत विभिन्न देशों में तेल-गैस को लेकर हालात टाइट हो गए हैं और बड़े स्तर पर इसका प्रभाव देखा जा रहा है। ये दुनियाभर में वैश्विक ऊर्जा संकट की नई चुनौती है।