पंजाब कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, विधानसभा चुनाव से पहले चन्नी गुट और हाईकमान के बीच बढ़ा टकराव

पंजाब कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, विधानसभा चुनाव से पहले चन्नी गुट और हाईकमान के बीच बढ़ा टकराव

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Internal infighting escalates within the Punjab Congress

चंडीगढ़। Internal infighting escalates within the Punjab Congress, पंजाब विधानसभा चुनाव को अब छह महीने से भी कम समय है। कांग्रेस हाईकमान ने करीब दो महीने के मंथन के बाद पूरी तैयारी के साथ पंजाब चुनाव में उतरने का फैसला लिया है। पंजाब के एक-एक नेता से दिल्ली में बैठक कर फीडबैक लिया गया।

लंबे मंथन और हाईकमान से मंजूरी के बाद जैसे एक जुलाई को पंजाब में आगामी विधानसभा-2027 चुनाव को लेकर चुनाव समितियों की घोषणा हुई, उसी के साथ कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई। हाईकमान के फैसले को ही चुनौती देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कई सांसदों, पूर्व मंत्रियों और विधायकों के साथ बगावत शुरू कर दी।

इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए पंजाब कांग्रेस प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजा गया। छह दिन तक उन्होंने चंडीगढ़ में पार्टी नेताओं के साथ मंथन किया। ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर पर नेताओं से मुलाकात की। पांच दिनों तक दूरी बनाकर रखे बागी चन्नी गुट शनिवार को बैठक में पहुंचा भी लेकिन तेवर तीखे ही रहे।

बघेल ने पहले दिन से भरोसा दिलाया था कि कांग्रेस के सभी नेता जल्द एक मंच पर होंगे, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। शनिवार को बागी गुट के दो घंटे तक चली बैठक में भी वह चन्नी का चक्रव्यूह नहीं तोड़ पाए और दिल्ली लौट गए। कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के घर हुई इस बैठक में भी कांग्रेस की गुटबाजी साफ तौर पर दिखाई दी।

चन्नी गुट संगठन में किए बदलाव के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग पर अड़ा रहा। प्रदेश प्रभारी ने बागी नेताओं की बात हाईकमान तक पहुंचाने की बात तो की है लेकिन साथ साफ किया है कि फैसला नहीं बदलेगा। ऐसे में गुटबाजी पर जल्द विराम नहीं लगा तो 2022 विधानसभा चुनाव जैसा परिणाम 2027 में दोहरा सकता है।

सिद्धू मूसेवाला के पिता ने कहा, बेटे को न्याय मिले

चुन्नी गुट की बैठक में दिवंगत गायक सिद्धू मुसेवाला के पिता बलकौर सिंह सिद्धू ने भी वड़िंग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। सूत्रों अनुसार उन्होंने बघेल से कहा कि उन्होंने अपना बेटा खोया है,लेकिन कांग्रेस को हारते हुए नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि उन्हें टिकट मिले या ना मिले, उनकी प्राथमिकता केवल उनके बेटे के हत्या मामले में न्याय दिलाना है।