भारतीय गर्मी और दिल : एक खतरनाक संयोजन डॉक्टर की सलाह — डॉ. हरिंदर सिंह बेदी

भारतीय गर्मी और दिल : एक खतरनाक संयोजन डॉक्टर की सलाह — डॉ. हरिंदर सिंह बेदी

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Indian summer and heart: a dangerous combination

गर्मी के मौसम में बढ़ती तपिश और उमस हम सभी के लिए असहज होती है, लेकिन दिल के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

गर्मी के दौरान शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए पसीना निकालता है और रक्त वाहिकाओं को फैलाता है। इसके कारण हृदय की धड़कन तेज हो जाती है और रक्तचाप में बदलाव आता है, जो हृदय रोगियों के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। यह स्थिति हार्ट फेलियर और शरीर के अत्यधिक गर्म होने का कारण भी बन सकती है।

दवाइयों को लेकर सावधानी

गर्मियों में दिल के मरीजों को दी जाने वाली कुछ दवाइयाँ, विशेषकर शरीर से अतिरिक्त पानी निकालने वाली दवाइयाँ (डाययूरेटिक्स), शरीर में पानी की कमी कर सकती हैं।
हालांकि मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के बहुत अधिक पानी भी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

खुद को ठंडा रखें

दिन के सबसे गर्म समय में घर के अंदर रहें।

यदि घर में एसी या कूलर नहीं है तो घर के सबसे ठंडे हिस्से में रहें।

हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें।

शरीर में पानी की कमी न होने दें।

कैफीन और शराब से बचें।

यदि आप अकेले रहते हैं तो किसी परिचित से समय-समय पर हालचाल लेते रहने को कहें।


गर्मियों में दिल को सुरक्षित रखने के उपाय

एसी, कूलर, खस की टट्टियां और अच्छी हवा आने-जाने की व्यवस्था गर्मी से राहत देती हैं। ठंडे पानी से नहाना भी लाभदायक है।

गर्म मौसम में शरीर को अधिक पानी की जरूरत होती है, इसलिए प्यास लगने का इंतजार न करें। लेकिन यदि आपको कोई बीमारी है तो पानी की मात्रा के बारे में डॉक्टर से सलाह लें।

बहुत अधिक गर्मी में शारीरिक मेहनत कम करें।

ज्यादा मसालेदार और भारी भोजन से बचें।

नमक का सेवन नियंत्रित रखें।

डॉक्टर की सलाह के बिना नमक की गोलियां न लें।

शराब और कैफीन से दूरी रखें क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं।


व्यायाम कब करें?

गर्मी का मतलब यह नहीं कि व्यायाम बंद कर दिया जाए।
सुबह जल्दी या शाम को व्यायाम करना बेहतर होता है। अत्यधिक गर्मी में तैराकी सबसे अच्छा व्यायाम माना गया है क्योंकि यह शरीर को ठंडा भी रखती है।

चेतावनी के संकेत

शरीर का तापमान 103°F से अधिक होना

त्वचा का लाल, गर्म और सूखा होना

तेज नाड़ी चलना

सिर में तेज दर्द

चक्कर आना

मितली

भ्रम या घबराहट


याद रखें

गर्म मौसम में शरीर को अधिक पानी चाहिए। प्यास लगने का इंतजार किए बिना पानी पीते रहें।

गर्मी का आनंद लें — लेकिन खुद को ठंडा और सुरक्षित रखें।