अवैध वेतन निकासी मामले में CID का बड़ा एक्शन, अब रांची, रामगढ़ और देवघर के तीन नए केस करेगी टेकओवर
Major move by CID in the illegal salary withdrawal case
रांची। बोकारो, हजारीबाग व चाईबासा में पुलिस विभाग से अवैध वेतन निकासी मामले में एफआईआर कर जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) अब तीन और केस लेने जा रही है। ये तीन केस रांची, रामगढ़ व देवघर से संबंधित हैं।
रांची व रामगढ़ में पशुपालन विभाग तथा देवघर में स्वास्थ्य विभाग में अवैध वेतन निकासी मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। तीनों ही जिलों में दर्ज केस को टेकओवर करते हुए सीआईडी थाना में तीन अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज होंगी। इस प्रकार अवैध वेतन निकासी मामले से संबंधित अब सीआइडी के पास कुल छह प्राथमिकियों की जांच की जिम्मेदारी आ जाएगी। इसकी तैयारी चल रही है।
रांची के कोतवाली थाने में दर्ज है 2.94 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला
रांची में जिला कोषागार से पशुपालन विभाग में 2.94 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया था। इसके बाद रांची सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी जफर हसनात ने 14 अप्रैल को रांची के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह मामला कांके स्थित इंस्टीट्यूट आफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन से जुड़ा है।
आरोप है कि संस्थान के लेखापाल मुनिन्द्र कुमार व एक अन्य कर्मी संजीव कुमार ने कुबेर पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के वेतन विपत्रों में छेड़छाड़ की। इन दोनों ने मूल वेतन में हेराफेरी कर अवैध राशि अपने निजी बैंक खातों में स्थानांतरित कराई।
लेखापाल मुनिन्द्र कुमार ने 1,52,43,572 रुपये और संजीव कुमार ने 1,41,79,480 रुपये, कुल 2,94,23,052 रुपये की अवैध निकासी की। इस मामले में रांची पुलिस ने मुनिंद्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दूसरा आरोपित अब भी फरार है।
देवघर में दर्ज है 99.06 लाख रुपये के गबन का मामला
देवघर जिले के सारवां थाने में 02 मई को स्वास्थ्य विभाग में अवैध वेतन निकासी मामले में 99.06 लाख रुपये के गबन का मामला दर्ज हुआ था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सारवां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की रिपोर्ट पर तत्कालीन लेखा लिपिक सविता कुमारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
आरोप है कि सविता कुमारी ने वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 के दौरान विभिन्न फर्जी विपत्रों के जरिए भारी वित्तीय अनियमितता की थी। उन्होंने आलोक बनर्जी, सुलोचना कुमारी, कुमारी लक्खी, जिबलाल मेहरा, सुरसरी देवी, प्रभात कुमार और प्रियंका कुमारी समेत कई अन्य कर्मियों के नाम पर और उनके बैंक खातों का दुरुपयोग कर कुल 99,06,762.00 की सरकारी राशि का अवैध उठाव कर गबन कर लिया था।
देवघर पुलिस ने आरोपित सविता कुमारी को जेल भेजा था और मामले की जांच जारी रखी थी। अब सीआईडी इस केस को टेकओवर करते हुए सीआइडी थाना रांची में केस री-रजिस्टर करेगी और इसकी जांच करेगी।
रामगढ़ में आया था 34.25 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला
रामगढ़ जिले में पशुपालन कार्यालय से अवैध वेतन निकासी का का मामला सामने आया था। विभागीय आडिट और जांच में यह बात पूरी तरह साफ हो चुकी थी कि अधिकारियों और बाबुओं की मिलीभगत से करीब 34.25 लाख रुपये की अवैध व फर्जी निकासी की गई थी। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और वर्तमान में इस पर गहन जांच जारी है। अब सीआइडी इस मामले में केस री-रजिस्टर कर जांच का दायरा बढ़ाएगी।