ED की दिल्ली-नोएडा समेत कई शहरों में छापेमारी; पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े केस में बड़ा एक्शन, केजरीवाल बोले- घबराना नहीं
ED Raids 6 Locations Linked Money laundering Punjab Minister Sanjeev Arora
ED Raid Latest News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (9 जून) को दिल्ली-नोएडा समेत कई शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आम आदमी पार्टी नेता और पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर ED द्वारा नए सिरे से यह बड़ी कार्रवाई की जा रही है। ED की टीमें संजीव अरोड़ा और अन्य कुछ कारोबारी लोगों से जुड़े लगभग 6 ठिकानों पर एकसाथ तलाशी ले रहीं हैं। इनमें पंजाब के जालंधर, लुधियाना तथा उत्तर प्रदेश के बरेली और दिल्ली-नोएडा जैसे ठिकाने शामिल हैं।
ED की कार्रवाई से मचा हड़कंप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सक्रियता और छापेमारी की कार्रवाई से पंजाब से लेकर दिल्ली-गुरग्राम तक हलचल देखी जा रही है। ईडी का यह पूरा एक्शन मनी लॉन्ड्रिंग यानी पैसे के अवैध हेरफेर से जुड़ा हुआ है। यह कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। ईडी ने जिन जगहों पर तलाशी ली है, उनमें धन शोधन मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों में आवास और कार्यालय शामिल हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी की इस कार्रवाई के बीच सभी ठिकानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
ED की छापेमारी पर केजरीवाल का बयान
ED की छापेमारी को लेकर आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखते हुए कहा, ''ईडी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर रेड कर रही है। ईडी पंजाब के छोटे-छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है। घबराने की कोई बात नहीं है. पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है, हम सब मिलकर ED पार्टी का मुकाबला करेंगे।'' वहीं केजरीवाल ने पंजाब के हिंदू व्यापारियों को पंजाब के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी बताया और कहा कि 'रंगला पंजाब' बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है।
पंजाब के हिंदू व्यापारी हमारे राज्य के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी हैं और 'रंगला पंजाब' बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है।
ED पार्टी सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके हमारे व्यापारियों को परेशान करना चाहती है। ऐसा करके वे राजनीतिक दबाव डालकर उन्हें अपने साथ मिलाने की… https://t.co/SMIyI00KtR
न्यायिक हिरासत में हैं संजीव अरोड़ा
गौरतलब है कि ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद संजीव अरोड़ा इस समय न्यायिक हिरासत (जेल) में हैं। पिछले महीने 18 मई को गुरुग्राम स्पेशल कोर्ट ने अरोड़ा को रिमांड खत्म होने पर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आदेश सुनाया था। इस बीच कोर्ट में पेशी के दौरान संजीव अरोड़ा जब अपने परिवार से मिले तो मिलकर बेहद भावुक हो गए थे और फफक कर रो पड़े थे। अरोड़ा कोर्ट परिसर में अपनी बेटी को गले लगा फूट-फूटकर रोते हुए दिखे थे। ज्ञात रहे कि इससे पहले कोर्ट ने पहली बार अरोड़ा को 7 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा था। यानि कोर्ट ने अरोड़ा को 2 बार ED की रिमांड में भेजा।
ED ने 9 मई को संजीव अरोड़ा को किया गिरफ्तार
ज्ञात रहे कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 9 मई 2026 को संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। अरोड़ा के चंडीगढ़ सेक्टर-2 स्थित आवास समेत दिल्ली और गुरुग्राम के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी के बाद उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई की गई थी। संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाया गया था। जानकारी ये भी सामने आई थी कि करीब 20 गाड़ियों में ED के अधिकारी छापेमारी की कार्रवाई करने पहुंचे थे। गौरतलब है कि ईडी की संजीव अरोड़ा के खिलाफ यह एक महीने के अंदर दूसरी बार छापेमारी की कार्रवाई थी। इससे पहले पिछले महीने ही ED ने लुधियाना में संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
संजीव अरोड़ा पर 100 करोड़ से ज्यादा के हेरफेर के आरोप
केंद्रीय जांच एजेंसी (Enforcement Directorate) संजीव अरोड़ा के खिलाफ 100 करोड़ से ज्यादा के हेरफेर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) की जांच कर रही है। अरोड़ा पर FEMA नियमों का उल्लंघन करते हुए किए गए विदेशी लेन-देन का आरोप भी है। ED ने संजीव अरोड़ा से जुड़े कई बैंक खाते अटैच कर लिए हैं और इस नेटवर्क से जुड़े डीमैट खातों व म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स को भी फ्रीज़ कर दिया गया है। यानि यह पूरी कार्रवाई (ED Raid on Sanjeev Arora) करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन और घोटाले को लेकर की गई है।
जानें संजीव अरोड़ा के बारे में
लुधियाना से ताल्लुक रखने वाले संजीव अरोड़ा एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता होने के साथ-साथ पंजाब के एक बड़े बिजनेसमैन भी हैं। वह पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। लुधियाना वेस्ट से विधायक निर्वाचित होने से पहले संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) राज्यसभा सांसद थे। उपचुनाव जीतने के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। संजीव अरोड़ा पिछले साल जून 2025 में लुधियाना वेस्ट सीट से उपचुनाव जीतकर AAP विधायक बने थे।
विधायक बनने के कुछ दिनों में ही मंत्री बने अरोड़ा
विधायक बनने के बाद कुछ ही दिनों में संजीव अरोड़ा को कैबिनेट मंत्री बनाकर सीएम भगवंत मान ने AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल का वह वादा पूरा किया था। जिसमें केजरीवाल ने लुधियाना चुनाव प्रचार में एक जनसभा के दौरान लोगों से कहा था की अरोड़ा को यहां से जिता दो, उन्हें मंत्री बना देंगे। बता दें कि 3 जुलाई 2025 को अरोड़ा ने मंत्री पद की शपथ ली थी। वहीं इस दौरान उस समय पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
मंत्री बनने के बाद अरोड़ा को पहले ये विभाग मिले
मंत्री बनते ही संजीव अरोड़ा को सरकार में सबसे पहले Industry & Commerce, Investment Promotion और NRI Affairs संबंधित विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद भगवंत मान सरकार में संजीव अरोड़ा का कद तब और बढ़ गया, जब 18 अगस्त 2025 को उन्हें उद्योग विभाग और NRI विभाग के अलावा सरकार में बेहद अहम माना जाने वाला बिजली विभाग भी दे दिया गया. उस समय कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO से बिजली विभाग लेकर अरोड़ा को दिया गया था।
संजीव अरोड़ा को और पावरफुल बनाया गया
वहीं जनवरी 2026 में एक बार फिर पंजाब कैबिनेट में फेरबदल हुआ और इस दरमियान मान सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा का कद और ज्यादा बढ़ गया। इस फेरबदल में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को लोकल बॉडीज विभाग सौंपा गया। पहले यह विभाग कैबिनेट मंत्री डॉ रवजोत के पास था। इस तरह अरोड़ा के पास 3 अहम विभागों (उद्योग, बिजली और अब लोकल बॉडीज) का जिम्मा आ गया और वह पंजाब सरकार में तीसरे सबसे पावरफुल मंत्री बन गए। मतलब संजीव अरोड़ा को विधायक और मंत्री बने अभी बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ था कि लगभग 7 महीने में ही अरोड़ा को कैबिनेट के पावरफुल मंत्रियों में जगह दे दी गई।
संजीव अरोड़ा केजरीवाल के करीबी
उद्योग, बिजली और लोकल बॉडीज ये तीनों ही सरकार के अंदर बड़े और अहम विभाग माने जाते हैं और इन तीनों विभागों का एक साथ अरोड़ा के पास रहना। यह दर्शाता है कि मान सरकार में उनका कद कितना बड़ा है। आपको बता दें कि संजीव अरोड़ा AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते हैं। केजरीवाल के साथ-साथ वह सीएम भगवंत मान की भी पसंद हैं। अरोड़ा के मंत्री बनने के पीछे ये भी एक अहम कारण है।