शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी, 1.68 लाख कर्मियों को लाभ

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी, 1.68 लाख कर्मियों को लाभ

Increase in Honorarium for Shikshamitras and Instructors

Increase in Honorarium for Shikshamitras and Instructors

लखनऊ। सरकार द्वारा बढ़ाए गए मानदेय का लाभ 1.68 लाख से अधिक शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों को मिलेगा। बढ़े हुए मानदेय का भुगतान करने के लिए सरकार हर वर्ष 1480 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। दोनों को हर शैक्षिक सत्र में 11 माह के लिए मानदेय का भुगतान किया जाता है। प्रदेश में वर्तमान में 1,43,450 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। वर्तमान में उन्हें 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है।

1262.36 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक व्यय 

मानदेय बढ़ने पर 1,262.36 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय अतिरिक्त होगा। वहीं 24,781 अंशकालिक अनुदेशकों को नौ हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। राशि बढ़ने पर वार्षिक अतिरिक्त वित्तीय व्यय लगभग 218.07 करोड़ रुपये होगा।

1.36 लाख परिषदीय स्कूलों का हुआ कायाकल्प

वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के केवल 36 प्रतिशत स्कूल ही आवश्यक मानकों को पूरा करते थे, वर्तमान में यह आंकड़ा बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में पक्के भवन, शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं बड़ी संख्या में स्कूलों में उपलब्ध नहीं थीं। इसके बाद हुए सर्वेक्षणों में लगभग 12,177 से 15,183 भवनों को ध्वस्तीकरण योग्य या अत्यंत खराब स्थिति में पाया गया।

आपरेशन कायाकल्प के तहत अब तक 1.36 लाख परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प किया जा चुका है। अभियान के तहत 7,229 स्कूलों का नवीनीकरण किया गया है, जबकि 7,333 जर्जर ढांचों को ध्वस्त कर उनके पुनर्निर्माण के लिए धन उपलब्ध कराया गया। इनके अलावा करीब 1.26 लाख स्कूलों में बिजली, स्वच्छ पेयजल और बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय सहित 19 बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।