लखनऊ नगर निगम में बेहतर कूड़ा प्रबंधन, CM Yogi Adityanath ने 250 इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी वाहनों को किया फ्लैग ऑफ
CM Yogi Flagged Off Electric Buses
लखनऊ: CM Yogi Flagged Off Electric Buses: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग से 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों का लोकार्पण किया. यह पहल हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
110 वार्डों में शत-प्रतिशत कूड़ा प्रबंधन का लक्ष्य: नगर निगम लखनऊ द्वारा शहर के सभी 110 वार्डों में घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालयों से निकलने वाले कूड़े का शत-प्रतिशत एकत्रीकरण, परिवहन और प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था लागू की गई है.
इस कार्य का संचालन चयनित संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है. इसकी प्रतिदिन निगरानी भी सुनिश्चित की जाती है. नगर निगम के कमांड एवं कंट्रोल रूम से कूड़ा उठान कार्य का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है.
साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम नंबर 1533 एवं टोल फ्री नंबर 18001234999 और 1800206172 पर शिकायत दर्ज कराकर त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है.
हरित ऊर्जा से प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस: नगर निगम द्वारा कूड़ा एकत्रीकरण में डीजल चालित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है.
इससे न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि शहर में स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण भी सुनिश्चित होगा. यह नीति सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप है और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाने की दिशा में प्रभावी कदम मानी जा रही है.
आधुनिक सफाई व्यवस्था: वर्तमान में लखनऊ में 981 इलेक्ट्रिक और 169 CNG वाहनों के माध्यम से कूड़ा एकत्रीकरण का काम किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त शहर की प्रमुख सड़कों की सफाई 50 से अधिक मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों (ई-वाहनों) के माध्यम से प्रतिदिन कराई जा रही है. नए 250 वाहनों के जुड़ने से कूड़ा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक गति और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से संचालन को बल: ई-वाहनों के सुचारु संचालन के लिए शहर में 13 स्थानों पर 520 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं. इससे न केवल वाहनों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में और अधिक ई-वाहनों के संचालन के लिए भी आधार तैयार होगा.
रोजगार सृजन और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ को बढ़ावा: इस पूरी व्यवस्था से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लगभग 10,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. साथ ही सर्कुलर इकानमी को ध्यान में रखते हुए ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को भी मजबूती मिल रही है. इससे कूड़े को संसाधन के रूप में उपयोग करने की दिशा में काम हो रहा है.
स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद: नगर निगम द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों से न केवल शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की संभावना भी बढ़ेगी. यह पहल लखनऊ को एक आदर्श ‘सस्टेनेबल अर्बन मॉडल’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है.