आसमान में सुरक्षा का अभेद्य कवच: डिप्टी सीएम का बाल-बाल बचना और सीएम योगी का 'उड़ता किला'
Deputy CM's narrow escape and CM Yogi's 'flying fortress'
कानपुर। Impenetrable shield of security in the sky: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शनिवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। लखनऊ से कौशांबी के लिए उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद उनके हेलीकाप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। हेलीकाप्टर के केबिन में अचानक धुआं भरने लगा। स्थिति को देखते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। मगर, क्या आपको पता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को जिस हेलीकाप्टर से शहर आए थे, वह अत्याधुनिक अगस्ता हेलीकाप्टर है।
सुरक्षा से जुड़ी अपनी तमाम खासियतों के चलते यह हेलीकाप्टर वीवीआइपी की पहली पसंद बनी हुई है। राज्य सरकार के विमानों के बेड़े में अगस्ता हाल ही में शामिल हुआ है और मुख्यमंत्री पहली बार इसमें सवार होकर कानपुर आए थे।
इटली का अत्याधुनिक अगस्ता एडब्ल्यू 139 हेलीकाप्टर यात्रियों की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में बेजोड़ है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि जब वह संसद की सुरक्षा व्यवस्था में शामिल थे, उस वक्त राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित तमाम वीवीआइपी के लिए अगस्ता को इटली से मंगाया गया था।
असल में सुरक्षित और आरामदेह इस विमान की सबसे बड़ी खासियत इसका डबल इंजन होना है। अगर कभी एक इंजन गड़बड़ी करे तो दूसरे इंजन का इंमरजेंसी में प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा यह क्रैश सेफ्टी सिस्टम से लैस है। डिजिटल ग्लास काकपिट और साउंडप्रूफ केबिन जैसी सुविधाएं इसमें हैं। इसको दो पायलट उड़ाते हैं।
एक बार में यह हेलीकाप्टर 12 से 15 लोगों को ले जाने में सक्षम है और इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 310 किमी प्रति घंटा है। यह हेलीकाप्टर खराब मौसम और रात में भी उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे इमरजेंसी हालात में भी इसका उपयोग संभव है। नागरिक उड्डयन विभाग ने हाल ही में इसे अपने बेड़े में शामिल किया है। एक विमान की कीमत करीब सौ करोड़ रुपये है।
अगस्ता वेस्टलैंड एडब्ल्यू 139 को अब लियोनार्डो एडब्ल्यू 139 के नाम से जाना जाता है। इसे इतालवी हेलीकाप्टर निर्माता कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड ने विकसित और निर्मित किया है, जो अब लियोनार्डो का हिस्सा है।