IDFC Bank Scam: Third

आईडीएफसी बैंक घोटाला: तीसरे लेखाधिकारी राजेश सांगवान बर्खास्त, जांच तेज

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IDFC Bank Scam: Third

हरियाणा सरकार ने Haryana State Agricultural Marketing Board से जुड़े आईडीएफसी बैंक घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीसरे लेखाधिकारी Rajesh Sangwan को बर्खास्त कर दिया है। सांगवान पर फर्जी खातों के जरिए सरकारी धन की हेराफेरी और बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप हैं।

जानकारी के अनुसार, सांगवान को Vigilance and Anti Corruption Bureau ने 14 मार्च को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई 23 फरवरी को दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी। जांच में सामने आया है कि यह एक सुनियोजित वित्तीय घोटाला था, जिसमें सरकारी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर फर्जी बैंकिंग लेन-देन किए गए।

आरोप है कि सरकारी धन को शेल कंपनियों और संदिग्ध खातों में ट्रांसफर कर सार्वजनिक खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया। सांगवान, बोर्ड के खातों के संचालन और वित्तीय फैसलों के लिए जिम्मेदार थे और उन्होंने 2025 में IDFC First Bank में खाता खुलवाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था।

जांच में यह भी सामने आया कि बिना उचित ड्यू डिलिजेंस और अन्य बैंकों से कोटेशन लिए खाते खोले गए। 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन में 9.75 करोड़ रुपये आरटीजीएस के जरिए और 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, जो कथित तौर पर निजी कंपनियों के खातों में भेजे गए।

पूछताछ के दौरान सांगवान ने अपनी भूमिका स्वीकार की है और यह भी सामने आया है कि वह मुख्य आरोपियों के संपर्क में था। मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियां संभव हैं।