एचआरटीसी (HRTC) कर्मियों का शिमला में गर्जना: "कंडक्टर पर हमला बर्दाश्त नहीं"; आरोपियों की गिरफ्तारी तक बस सेवाएं ठप रखने की चेतावनी

एचआरटीसी (HRTC) कर्मियों का शिमला में गर्जना: "कंडक्टर पर हमला बर्दाश्त नहीं"; आरोपियों की गिरफ्तारी तक बस सेवाएं ठप रखने की चेतावनी

HRTC Employees Roar in Shimla

HRTC Employees Roar in Shimla

शिमला। HRTC Employees Roar in Shimla, हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के बस कंडक्टर से मंडी के जोगेंद्रनगर में हुई मारपीट का मामला राजधानी शिमला के मुख्यालय तक पहुंच गया। घटना के विरोध में रविवार को पुराने बस अड्डे पर चालक-परिचालक यूनियन ने जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान एचआरटीसी चालक यूनियन के प्रधान मान सिंह ठाकुर और कंडक्टर यूनियन के प्रधान प्रीत महेंद्र ने स्पष्ट कहा कि जब तक दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक संबंधित रूट पर बस सेवाएं बंद रहेंगी।

उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

स्कूटी हटाने को बोलने पर पीट दिया कंडक्टर

यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि शनिवार को जोगिंद्रनगर में एक बस रास्ते में खड़ी स्कूटी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थी। कंडक्टर ने स्कूटी हटाने का अनुरोध किया, लेकिन इस बात पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवक ने पहले कंडक्टर से बहस और हाथापाई की, फिर अपने साथियों को बुलाकर उस पर हमला करवा दिया। हमले में कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया।

कर्मचारियों में रोष, सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद प्रदेश भर में एचआरटीसी चालक-परिचालकों में भारी रोष है। यूनियन का कहना है कि ड्यूटी के दौरान यदि कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए

कर्मचारियों ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर तुरंत मामला दर्ज किया जाए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यूनियन ने मेडिपर्सन एक्ट लागू करने की मांग भी उठाई है, ताकि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। प्रदेश के विभिन्न डिपो में आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। फिलहाल कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि न्याय मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में तेज किया जाएगा।