हुड्डा का चैलेंज स्वीकार, क्या वे मेरा चैलेंज स्वीकार करेंगे-कुलदीप बिश्नोई
हुड्डा का चैलेंज स्वीकार

हुड्डा का चैलेंज स्वीकार, क्या वे मेरा चैलेंज स्वीकार करेंगे-कुलदीप बिश्नोई

हुड्डा का चैलेंज स्वीकार, क्या वे मेरा चैलेंज स्वीकार करेंगे-कुलदीप बिश्नोई

चंडीगढ़, 19 जून : विधायक कुलदीप बिश्नोई ने भूपेन्द्र हुड्डा के उस चैलेंज को स्वीकार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़कर देख लें। उन्होंने कहा वे तो हुड्डा का चैलेंज स्वीकार करते हैं और उन्हें चैलेंज करते हैं कि वे खुद आदमपुर से मेरे या मेरे बेटे के सामने चुनाव मैदान में आ जाएं। जनता में लोकप्रियता का पता उन्हें चल जाएगा। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि हुड्डा को पता होना चाहिए कि भजनलाल परिवार ने तो सरकार के विरूद्ध चार-चार उपचुनाव जीतकर आम जनमानस के दिलों में जगह बनाई है। कुलदीप बिश्नोई क्या है, उसका संघर्ष व ईमानदारी क्या है, इसकी गवाह मेरे आदमपुर हलके की जनता है। आदमपुर मेरा परिवार है वहां चुनाव हलके के पारिवारिक लोग लड़ते हैं। मैं हुड्डा को चैलेंज करता हूं कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे भी इस्तीफा दें और आदमपुर में मैदान में आएं। 

पार्टी प्रत्याशी के विरूद्ध वोट डालने की बात पर उन्होंने कहा कि 2016 में हुड्डा ने क्या किया था जब उनके द्वारा स्याही कांड रचा गया था। क्या उस समय वो गद्दारी नहीं थी। पार्टी के खिलाफ जाकर मनमर्जी चलाने में हुड्डा के कारनामों की लंबी फेहरीस्त है।  उन्होंने तो साफ तरीके से बोलकर खुलकर अंतरआत्मा की आवाज पर वोट किया है, क्योंकि वे कभी हुड्डा कांग्रेस के समर्थन में खड़ा नहीं हो सकते। हरियाणा में तीन बार बुरी तरह से फेल होने के बावजूद चौथी बार हुड्डा को फ्री हैंड देने के खिलाफ कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्होंने वोट किया, जिसकी गूंज पूरे देश ने सूनी। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि हुड्डा पिता-पुत्र हरियाणा में कांग्रेस को अपनी जेब में रखना चाहते हैं, जिससे सच्चे, मेहनती कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हो चुके हैं और राज्य में हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस की बुरी गत होना तय है। 

कुलदीप बिश्नोई ने उदयभान की टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कहा कि एक दिन में तीन बार पार्टिंया बदलकर सौदागरी करने वाले अपने गिरेबां में झांककर देखें।