हिमाचल में अब डिजिटल निगरानी में होगी सेब खरीद, एक बागवान से अधिकतम 30 बोरी सी-ग्रेड सेब ही खरीदा जाएगा

1000262263

Apple procurement in Himachal will now be conducted

शिमला। Apple procurement in Himachal will now be conducted, मंडी मध्यस्थता योजना (एमआइएस) के तहत इस बार हिमाचल सरकार सेब खरीद पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था के तहत करेगी। नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार एक बागवान से अधिकतम 30 बोरी सी-ग्रेड सेब ही खरीदा जाएगा। खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए 20 जुलाई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में नए दिशा-निर्देशों को स्वीकृति मिल सकती है।

नई व्यवस्था के तहत सेब खरीद सीसीटीवी कैमरों और कृषि व बागवानी विभाग के अधिकारियों की निगरानी में होगी। इसके लिए विशेष आनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है।

भूमि के दस्तावेज जमा करने होंगे

बागवानों को सेब बेचने से पहले अपनी भूमि के दस्तावेज जमा करने होंगे। अधिकारियों की ओर से सत्यापन के बाद ही खरीद पर्ची जारी की जाएगी, ताकि केवल पात्र बागवानों को योजना का लाभ मिल सके।

डीबीटी से होगा भुगतान

इस बार खरीद केंद्रों पर सेब की तौल, लोडिंग और उठान का कार्य आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा। भुगतान सीधे बागवानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए होगा। डिफाल्टर आढ़तियों और कारोबारियों को सेब खरीद का लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।

खरीद केंद्रों की संख्या घटेगी

सरकार ने खरीद केंद्रों की संख्या भी घटाने का निर्णय किया है। अब 10 से 20 किलोमीटर के दायरे में एक खरीद केंद्र होगा, जबकि फल मंडियों के 20 किलोमीटर के भीतर कोई केंद्र नहीं खोला जाएगा। इस बार उत्पादन वाले क्षेत्रों के आधार पर करीब 40 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जबकि पिछले वर्ष लगभग 300 केंद्र संचालित किए गए थे।

प्रति वर्ष 60 करोड़ सी ग्रेड सेब की होती है खरीद 

प्रदेश में एमआइएस के तहत हर वर्ष 12 रुपये प्रति किलो की दर से करीब 60 करोड़ रुपये के सी-ग्रेड सेब खरीदे जाते हैं। इस बार खरीदे गए सेब की बिक्री भी आनलाइन नीलामी पोर्टल के माध्यम से होगी, जिससे सरकार को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।

...इसलिए किया खरीद प्रणाली में व्यापक बदलाव

पिछले वर्ष रोहड़ू क्षेत्र में कुछ बागवानों से लगभग पांच-पांच हजार बोरी सी-ग्रेड सेब खरीद का रिकार्ड सामने आने के बाद जांच शुरू हुई थी। इसी के बाद सरकार ने पूरी खरीद प्रणाली में व्यापक बदलाव का निर्णय लिया है।

एमआइएस के तहत सेब खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रति बागवान अधिकतम 30 बोरी खरीद की सीमा तय की जा रही है। अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी। नए नियमों को मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।
-सी पालरासु, सचिव बागवानी विभाग।