हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षा समारोह संपन्न

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षा समारोह संपन्न

Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal Central

Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal Central

श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी)। Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal Central, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षा समारोह में शिक्षण सत्र 2022-24 व 2023-25 के कुल 105 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किये गए।

साथ ही 177 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधी के साथ ही दोनों शिक्षा सत्रों के कुल 6,806 छात्र-छात्राओं को स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गई।

इस मौके पर समारोह के बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रदान के अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं होने पर उनका संदेश मंच से पढ़कर सुनाया गया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश में छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वह अपने ज्ञान व कौशल का उपयोग निजी हितों के बजाय समाज और राष्ट्र के कल्याण में भी करें।

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के चौरास कैंपस के स्वामी मनमथन सभागार में 12 वें दीक्षा समारोह का उद्घाटन विवि के कुलाधिपति डा. योगेंद्र नारायण की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने किया।

उन्होंने कहा कि गढ़वाल विवि निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, जिसके चलते नेक ग्रेडिंग में ए श्रेणी प्राप्त हुई है।

कहा कि विवि को अधिक ऊर्जा के साथ कार्य करना होग, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार विवि के लिए हर जरूरी योजना में पूर्ण सहयोग करेगी।

डा. रावत ने कहा कि दीक्षा समारोह में सांस्कृतिक वेशभूषा केा अपनाना विवि और शिक्षण संस्थानों की उल्लेखनीय पहल है। कहा कि इस तरह के प्रयासों से संस्कृति और परंपरा के प्रति छात्र-छात्राओं की रूचि बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि आगामी अप्रैल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ वह एनआईटी और गढ़वाल विवि के कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

कुलाधिपति डा. योगेंद्र नारायण ने कहा कि आज विवि विभिन्न शैक्षिक दर्शनों के संधि स्थल पर खड़े हैं।

संगम की भांति यहां तीन धाराएं एक ही स्थान पर मिल रही है, जो प्राचीन शिक्षा, पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नवीन ज्ञान का प्रतीक हैं।

कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि दीक्षा शिक्षा का अंत नहीं है, बल्कि यह नये जीवन की शुरूआत है। कहा कि डिग्री कोई कागज का टुकड़ा नहीं है, यह छात्र की ताकत होती है।

उन्होंने सभी दीक्षार्थियों से आह्वान किया कि वह इस अवसर को अपने जीवन का प्रारंभिक अवसर मानते हुए अगला कदम ऐसा बढ़ाएं कि आपके माता-पिता, परिजनों, गुरु और इस विश्वविद्यालय को आप पर गर्व हो और यही नहीं इस देश को आप पर गर्व हो, इसलिए राष्ट्र को प्रथम रखते हुए जीवन-कर्म करें।

इस मौके पर ग्रामीण एवं अभियांत्रिकी विभाग की शोध पत्रिका माउंटेन रिसर्च के विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

डा. विश्वेश वाग्मी और डा. श्वेता के संचालन में हुए समारोह में कुलसचिव अनीश उज जमान और समन्वयक प्रो. हरभजन सिंह चौहान ने सभी अतिथियों का आभार जताया।

इस मौके पर नगर निगम की महापौर आरती भंडारी, एसएसबी के डीआईजी सुभाष चंद्र नेगी, गुजरात विवि के पूर्व कुलपति प्रो. रमाशंकर दुबे, प्रो. मंजुला राणा, प्रो. मोहन पंवार, प्रो. एनएस पंवार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसाईं, मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार सहित अन्य अतिथिगण मौजूद थे।