हरियाणा संस्कृत विद्यापीठ में आवेदन शुरू, 30 जून तक करें आवेदन

Haryana Sanskrit Vidyapeeth

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फरीदाबाद। दयाराम वशिष्ठ: Haryana Sanskrit Vidyapeeth: अगर आप ज्योतिष, वेद एवं कर्मकांड के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो अब आपको इसके अध्ययन के लिए काशी जाने की आवश्यकता नहीं है। बघौला स्थित हरियाणा संस्कृत विद्यापीठ में इस वर्ष ज्योतिष, वेद एवं कर्मकांड तथा दर्शनशास्त्र जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। ऐसे में इच्छुक विद्यार्थी 30 जून तक आवेदन कर अपनी सीट सुरक्षित कर सकते हैं।

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के मुख्यालय परिसर के रूप में विकसित होने के बाद विद्यापीठ में लगातार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इससे यहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

हरियाणा संस्कृत विद्यापीठ के प्राचार्य प्रो. दिलीप कुमार राणा एवं सहायक आचार्य डॉ. राधा बल्लभ शर्मा ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है तथा विद्यार्थी 30 जून तक आवेदन कर सकते हैं।

इन पाठ्यक्रमों के लिए मांगे गए हैं आवेदन

प्राक् – दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य।

शास्त्री – ज्योतिष, वेद एवं कर्मकांड तथा दर्शनशास्त्र विषयों में प्रवेश।

आचार्य – शास्त्री उत्तीर्ण अथवा बीए, बीएससी सहित किसी भी स्नातक डिग्रीधारी विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।

पीएचडी – एमए अथवा आचार्य उत्तीर्ण होने के साथ नेट परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

उपलब्ध विषय

साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष, वेद-कर्मकांड एवं दर्शनशास्त्र।

आधुनिक विषयों में कंप्यूटर, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी तथा अन्य कला विषयों का अध्ययन भी कराया जाएगा, जिससे शास्त्र और आधुनिक तकनीक का समन्वय स्थापित हो सके।

विद्यार्थियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

पुस्तकालय, खेल मैदान, संगोष्ठी कक्ष, नाट्यशाला, कंप्यूटर प्रयोगशाला, छात्रवृत्ति तथा हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है।

डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी हुए शुरू

प्राचार्य प्रो. दिलीप कुमार राणा ने बताया कि कर्मकांड एवं ज्योतिष में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। इसके लिए 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में विभिन्न श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। कर्मकांड पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसमें वेदी निर्माण, मंत्रोच्चारण तथा धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन की विधियां सिखाई जाएंगी।