बारिश ने खोली प्रशासन व सरकारों के दावों की पोल: राकेश तंवर

Rain exposed the claims of administration and governments

Rain exposed the claims of administration and governments

पृथला के खेतों व घरों में घुसा कई-कई फुट पानी, कांग्रेसी नेता ने बनवाई नाव

पलवल। दयाराम वशिष्ठ: Rain exposed the claims of administration and governments: पिछले दिनों हुई बरसात ने प्रशासन व भाजपा सरकार के दावों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी। यहां के बडे गांव पृथला में खेतों के साथ-साथ घरों में भी जगह कई-कई फुट पानी जमा होने के कारण लोगों को भारी असुविधाएं पेश आ रही हैं। भाजपा के जनप्रतिनिधि और न ही अधिकारी लोगों की सुध ले रहे हैं। हालात इतने खरा हो गए हैं कि पृथला में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राकेश तंवर को अपने घर तक पहुंचने के लिए एक नाव बनवानी पडी है। उन्हें अपने घर जाने के लिए नाव का इस्तेमाल करना पड रहा है क्योंकि उनके घर में कई-कई फुट पानी भरा हुआ है। यह कोई एक दिन की बात नहीं पिछले 20 दिनों उनके घर और आसपास पानी जमा है और उनका परिवार गहरे पानी के चलते एक तरह से हाउस अरेस्ट का सा जीवन जी रहे हैं। उनका परिवार मकान की पहली मंजिल पर अपना जीवन जीने के माजबूर होना पड रहा है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश तंवर पृथला ने बरसात के चलते सेक्टर लोगों का जीना मुहाल हो गया, लोगों के घरों तक पानी चला गया, जिससे उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यह हालात कोई एक घर के नहीं है बल्कि यहां पृथला की सैकडों एकड जमीन में जल भराव है। बरसात में उनके खेत तो पूरी तरह से जलमग्र हो गए हैं साथ ही उनके घरों में भी पानी भर गया है और पिछले बीस दिनों से जिला प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। जलनिकासी के प्रबंध सरकार नहीं कर पा रही है क्योंकि सरकार की नीति और नीयत ही नहीं है। उन्होंने भाजपा सरकार को हर मोर्चा पर विफल करार देते हुए कहा कि दरसल में ऐसा लगता है कि सरकार सत्ता में मदमस्त हो सोई हुई है और उसे जनहित से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने भाजपा की सरकार को वोट चोरी से बनी सरकार की संज्ञा देते हुए कहा कि यह लोगों की जनभावनाओं की सरकार नहीं है बल्कि ईवीएम और वोट चोरी से बनी सरकार है इसलिए इन्हें कुछ लेना-देना नहीं कि लोग कैसी जिदंगी बसर कर रहे हैं। लोग बदहाल हैं और चहुं ओर जलभराव है, यहां तक की नेशनल हाईवे पर भी कई-कई फुट पानी जमा हो रहा है।  चहुं ओर भ्रष्टाचार का बोल-बाला है, अपराधों का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, युवा बेरोजगारी की दलदल में फंसता जा रहा है, बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है, सडकें टूटी पडी हैं, पानी निकासी की समस्या लोगों के लिए नासूर बनती जा रही है लेकिन सरकार में बैठे बडे नेता हवा-हवाई बात कर लोगों को गुमराह करने में लगे हैं। धर्म व जाति-पाति की राजनीति कर लोगों को बांटा जा रहा